एनएसयूआई ने चलाया नीट छात्र एवं अभिभावक हस्ताक्षर अभियान

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एनएसयूआई ने चलाया नीट छात्र एवं अभिभावक हस्ताक्षर अभियान


मंडी, 21 जून (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई जिला मंडी द्वारा रविवार को वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में स्थापित नीट परीक्षा केंद्र के बाहर नीट छात्र एवं अभिभावक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्रों एवं अभिभावकों ने भाग लेकर अपने हस्ताक्षर किए तथा छात्रों के न्याय एवं सुरक्षित भविष्य की मांग को समर्थन दिया। अभियान का नेतृत्व एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अनित जसवाल ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक मामलों, शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अव्यवस्थाओं तथा छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली अनियमितताओं के कारण उनकी मेहनत और सपनों पर आघात पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से एनएसयूआई ने यह हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है, ताकि छात्रों और अभिभावकों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जा सके। अभियान के माध्यम से एनएसयूआई ने अपनी प्रमुख मांगों को भी रखा। संगठन ने मांग की कि बार-बार हो रहे प्रश्नपत्र लीक, छात्रों की बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं तथा शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन के लिए नई, पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए।

संगठन ने यह भी मांग उठाई कि देशभर में कोचिंग संस्थानों द्वारा ली जा रही मनमानी फीस पर रोक लगाई जाए तथा सभी कोचिंग संस्थानों के लिए अधिकतम शुल्क सीमा निर्धारित की जाए। साथ ही छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए परामर्श केंद्र स्थापित किए जाएं तथा भविष्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित किया जाए। हस्ताक्षर अभियान के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों एवं अभिभावकों ने संगठन की मांगों का समर्थन किया।

एनएसयूआई ने कहा कि अभियान के माध्यम से एकत्रित हस्ताक्षरों को संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र सरकार को भेजा जाएगा ताकि छात्रों की आवाज को मजबूती के साथ उठाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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