निकाह मस्जिद में होगा, राम मंदिर में सिर्फ रिसेप्शन, हिंदू संघर्ष समिति ने दी मुंडन की चेतावनी
शिमला, 10 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी शिमला के राम मंदिर परिसर स्थित हॉल में एक मुस्लिम लड़की के शादी समारोह के रिसेप्शन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में हिंदू संघर्ष समिति ने विरोध जताते हुए मंदिरों के सांस्कृतिक अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को मुंडन करने की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेताओं ने संबंधित मुस्लिम परिवार से मुलाकात कर स्पष्ट किया है कि निकाह मंदिर में नहीं, मस्जिद में ही होगा और राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन प्रस्तावित है।
हिंदू संघर्ष समिति के नेता विजय शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि समिति को किसी बेटी के विवाह से कोई आपत्ति नहीं है और न ही वह किसी धर्म के खिलाफ है, लेकिन राम मंदिर परिसर में इस तरह का कार्यक्रम सांस्कृतिक अतिक्रमण का प्रयास माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आवाज उठा रहा है। उनका कहना था कि पहले भी ऐसे कार्यक्रम होने का तर्क देकर इसे उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक लाभ के लिए धर्म और जाति की राजनीति कर रही हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नई कांग्रेस और कांग्रेस नई मुस्लिम लीग बनती जा रही है।
समिति के एक अन्य नेता मदन ठाकुर ने भी इस मामले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर धार्मिक कार्यक्रमों की परंपराओं को नजरअंदाज किया जाएगा तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों के सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए विरोध दर्ज कराया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समिति इस मामले में अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकती है और आगे ऐसे कार्यक्रम न करवाने की मांग करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिरों के सांस्कृतिक अतिक्रमण के विरोध में मुंडन कार्यक्रम किया जाएगा।
इस बीच मामले में राजनीति भी खुलकर सामने आ गई है। विवाद बढ़ने के बाद प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष गुरमीत सिंह और स्थानीय भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने संबंधित मुस्लिम परिवार से मुलाकात की और स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। गुरमीत सिंह ने कहा कि इस मामले को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है और निकाह मंदिर में नहीं होगा। उन्होंने बताया कि निकाह पहले की तरह मस्जिद में ही पढ़ा जाएगा, जबकि राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर परिसर और कम्युनिटी हॉल अलग-अलग स्थान हैं और कम्युनिटी हॉल में पहले भी अलग-अलग समुदायों के कार्यक्रम होते रहे हैं।
भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने भी कहा कि लोगों के बीच केवल निकाह को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय में निकाह मस्जिद में होता है और यहां केवल रिसेप्शन आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस हॉल में कई सामाजिक कार्यक्रम होते रहे हैं और इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।
लड़की के पिता मोहम्मद नासिर ने कहा कि विवाद से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन समाज के कई लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। उन्होंने हिंदू संगठनों से अपील की कि उनकी बेटी की शादी शांतिपूर्ण तरीके से होने दी जाए। उन्होंने दोहराया कि निकाह मस्जिद में ही होगा और राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन का कार्यक्रम रखा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्थानीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है और प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

