हिम परिवार पोर्टल से जुड़ेगा प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का डेटा

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हिम परिवार पोर्टल से जुड़ेगा प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का डेटा


शिमला, 13 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को मजबूत आधार देने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती कर रहे सभी किसानों का पूरा और विस्तृत डेटा 20 जनवरी तक हिम परिवार पोर्टल से जोड़ा जाए। इस डेटा में प्राकृतिक खेती से जुड़ी सभी जानकारियां शामिल होंगी और किसानों का ब्लॉक स्तर पर आधार डेटा तैयार कर उसकी मैपिंग भी की जाएगी।

शिमला में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का मजबूत माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ना चाहती है, ताकि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय में बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती आधारित व्यवस्था में व्यापक और क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस माह हमीरपुर में होने वाले सम्मेलन में वह स्वयं प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों से संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बैठक में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं, मक्की और कच्ची हल्दी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं के आटे को ‘हिम चक्की आटा’, मक्की के आटे को ‘हिम भोग मक्की’ आटा और कच्ची हल्दी को ‘हिम हल्दी’ ब्रांड नाम से बाजार में उतारा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन उत्पादों की पैकिंग पर एक्सपायरी डेट की जानकारी साफ और प्रमुख रूप से दर्ज की जाए। साथ ही उत्पादों में मौजूद पौष्टिक तत्वों की जानकारी भी उपभोक्ताओं तक पहुंचे, इसके लिए उचित व्यवस्था करने को कहा गया। इन पहलुओं का आकलन करने के लिए एक विशेष इकाई गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक विधि से उगाई गई 606.8 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की जा चुकी है, जिसके बदले 2 करोड़ 31 लाख रुपये सीधे किसानों के खातों में डाले गए हैं। इसी तरह प्राकृतिक खेती से उत्पादित 2123 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद की गई है और किसानों को 1 करोड़ 31 लाख 57 हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई कच्ची हल्दी पर 90 रुपये प्रति किलो के समर्थन मूल्य के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस वर्ष प्रदेश में 1629 किसानों से करीब 2422 क्विंटल कच्ची हल्दी की खरीद का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि विभाग प्रदेश के अपने 25 फार्मों में भी प्राकृतिक खेती पद्धति से विभिन्न फसलों का उत्पादन कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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