नालागढ़ के कचरा प्लांट की लीज बढ़ाने का विरोध, सरकार दूसरी जगह तलाशेगी साइट
शिमला, 27 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नालागढ़ के शिवालिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र को लेकर चर्चा हुई। नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बाबा ने संयंत्र की मौजूदा लीज अवधि खत्म होने के बाद इसे आगे नहीं बढ़ाने की मांग की। उन्होंने संयंत्र से निकलने वाली दुर्गंध और प्रदूषण से आसपास के लोगों को हो रही परेशानी का मामला सदन में उठाया। सरकार ने कहा कि संयंत्र को अचानक बंद करना संभव नहीं है, लेकिन इसे दूसरी जगह ले जाने के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी और नई साइट तलाशने की दिशा में काम होगा।
विधानसभा में वीरवार को नियम-62 के तहत हुई चर्चा में हरदीप सिंह बाबा ने कहा कि संयंत्र के आसपास रहने वाले लोगों को लंबे समय से दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि संयंत्र के करीब 500 मीटर के दायरे में खतरनाक कचरा पहुंचने की शिकायतें हैं। इससे आसपास के गांवों में दुर्गंध फैल रही है और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही हैं।
बाबा ने सदन में बताया कि 18 नवंबर, 2006 को यह जमीन शिवालिक वेस्ट मैनेजमेंट को 50 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर दी गई थी। इसमें करीब 20 वर्ष संचालन और उसके बाद 30 वर्ष की पूर्व-समापन प्रबंधन अवधि का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संचालन अवधि वर्ष 2028-29 में पूरी हो जाएगी। इसके बाद प्लांट की लीज बढ़ाई नहीं जानी चाहिए।
विधायक ने कहा कि अब तक संयंत्र में करीब चार लाख टन ठोस कचरा पहुंच चुका है, जबकि इसकी कुल क्षमता करीब 20 लाख टन बताई गई है। ऐसे में संयंत्र का संचालन आगे भी जारी रखने की मांग की जा रही है, जिसका उन्होंने विरोध किया। उन्होंने कहा कि नालागढ़ क्षेत्र में पहले से बड़ी संख्या में उद्योग हैं और हिमाचल के औषधि और दूसरे उद्योगों से निकलने वाला कचरा भी बड़ी मात्रा में इस क्षेत्र में आता है। इससे क्षेत्र पर प्रदूषण का दबाव और बढ़ रहा है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक कचरा संयंत्र उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद स्थापित किया गया था और इसके लिए जमीन 50 वर्ष की लीज पर दी गई है। उन्होंने माना कि कुछ कंपनियों ने वहां तरल कचरा डालना शुरू किया है और क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग होने के कारण समस्या पैदा हुई है।
मंत्री ने कहा कि सरकार इस समस्या का समाधान करेगी। संयंत्र को दूसरी जगह ले जाने के लिए नई साइट तलाशने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयंत्र को तुरंत बंद करना संभव नहीं है। इसके लिए लंबी अवधि की योजना बनानी होगी और इसमें काफी निवेश की जरूरत होगी। नई साइट तय होने के बाद संयंत्र को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र से जुड़ी दूसरी समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।
उद्योग मंत्री ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में नए एथनॉल संयंत्र स्थापित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास नए उद्योगों को देने के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं है। नालागढ़ क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को उपायुक्त स्तर पर भी उठाया गया है और सरकार इस पर कार्रवाई करेगी।
हरदीप सिंह बाबा ने कहा कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में करीब 20 से 25 उद्योग हैं। उन्होंने कहा कि यदि बीबीएनआईए के साथ मिलकर सरकार नई साइट तलाशने पर विचार कर रही है तो यह स्वागत योग्य कदम है। बीबीएनआईए इस संयंत्र में हिस्सेदार है। बाबा ने मांग की कि नई साइट तय होने तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्र में हवा और पानी के प्रदूषण की नियमित निगरानी करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

