नाहन में श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है बासडे पर्व

नाहन, 02 अप्रैल (हि.स.)। गर्मियों की दस्तक के साथ होली का पर्व आता है और होली के बाद दूसरे मंगलवार को नाहन में बासडे पर्व मनाया जाता है। इसमें माता शीतला की पूजा की जाती है और विशेष रूप से गुड़ के बने गुलगुले, कचौरी, आटा, दाल इत्यादि माता को अर्पित किया जाता है। नाहन में ऐसी मान्यता है कि माता के मंदिर में बासडे पर माथा टेकने से बच्चों में गर्मी में होने वाले रोगो से राहत मिलती है।

शहर के शीतला माता मंदिर में देर सुबह से ही लोगो का आना शुरू हो जाता है। बासडे का अर्थ है की रात को बनाया हुआ यह प्रसाद सुबह चढ़ाया जाता है। इस पर्व पर नाहन सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग इस दिन माथा टेकने पहुंचते हैं और माता शीतला का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर की पुजारी उषा देवी ने बताया कि देर सुबह से ही लोग कतारबद्ध होकर माथा टेक रहे हैं।

उषा देवी ने बताया कि शीतला माता की यहां बहुत मान्यता है और नगर सहित दूर दूर से लोग अपना पारम्परिक प्रसाद लेकर दर्शन करते हैं। माता गर्मियों के रोगो से सबकी रक्षा करती है।

हिन्दुस्थान समाचार/ जितेंद्र/सुनील

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