मंडी नगर निगम चुनावः बागियों ने उड़ाई भाजपा कांग्रेस की नीं
मंडी, 03 मई (हि.स.)। शिमला के बाद प्रदेश के दूसरे बड़े शहर मंडी की नगर निगम में भाजपा कांग्रेस के बागियों ने दोनों ही दलों की नींद उड़ा दी है। टिकट न मिलने से नाराज उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ ताल ठोक दी है। कांग्रेस पर आरोप लग रहा है कि इस चुनाव का प्रभारी तो विक्रमादित्य सिंह को बना रखा है मगर पार्टी ने वीरभद्र समर्थकों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कॉर्डीनेटर रहे आकाश शर्मा, चार बार पार्षद रही एडवोकेट अलकनंदा हांडा के टिकट काट दिए गए हैं। दोनों ही वीरभद्र समर्थकों में शुमार रहे हैं। इसी तरह दूसरे भी कई नाम ऐसे हैं। इन दोनों ने भी बगावत कर आजाद तौर पर ताल ठोक दी है। आरोप है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता ठाकुर कौल सिंह के भतीजे प्रवीण कुमार ठाकुर को टिकट देने के चक्कर में खलियार वार्ड एक से अलकनंदा जैसी दिग्गज का टिकट काट दिया। कांग्रेस में पूरी तरह से परिवारवाद का कब्जा हो गया है। कौल सिंह ठाकुर और उनकी बेटी जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर नगर निगम के चुनाव के लिए टिकट आवंटन में हावी रहे हैं।
इधर, भाजपा में भी खलबली मची हुई है। नगर निगम के वार्ड नंबर 12 नंबर उपमहापौर रही माधुरी कपूर के पति अनिल कपूर व भाजपा की विचारधारा के एक अन्य दिग्गज चंद्रशेखर वैद्य ने ताल ठोक कर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी। वार्ड नंबर 14 बैहना से निवर्तमान पार्षद कृष्ण भानु भी टिकट न मिलने से खफा है और आजाद उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर गए हैं। तल्याहड़ से निवर्तमान पार्षद सुदेश सेन ने भी अपना पर्चा वार्ड नंबर 7 से कवरिंग उम्मीदवार के तौर पर दाखिल करके नया दांव खेला है। भाजपा के लिए समखेतर 11 नंबर वार्ड से निखिल वालिया, वार्ड नंबर एक खलियार से राजीव वैद्य ने ताल ठोक कर मुश्किलें पैदा कर दी हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पहली बार ऐसा हुआ है कि जिन तीन वार्डों खलियार, समखेतर व भगवाहन में खत्री समुदाय का दबदबा रहता है, वहां से भाजपा-कांग्रेस ने कोई खत्री उम्मीदवार नहीं उतारा है। केवल भाजपा ने सरिता शर्मा हांडा को टिकट दिया है जो पुरानी मंडी अपने मायके से चुनाव लड़ेगी। ऐसे में लगभग 12 हजार वोटों वाले इस समुदाय में अच्छी खासी नाराजगी है। यही कारण है कि खत्री समुदाय के अलकनंदा हांडा, राजीव वैद्य, चंद्रशेखर वैद्य, अनिल कपूर व दिव्या हांडा आदि ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर ताल ठोंक दी है। खत्री समुदाय की नाराजगी दोनों दलों के लिए भारी साबित हो सकती है।
इधर, रोचक यह भी है मंडी नगर निगम की पहली मेयर रही दीपाली जसवाल, पहले डिप्टी व बाद में मेयर रहे वीरेंद्र शर्मा भट्ट व उपमहापौर माधुरी कपूर इस बार आरक्षण रोस्टर की मार से मैदान से बाहर हो गए हैं। मंडी नगर निगम में तीन पार्षद जिनमें दो कांग्रेस के योग राज योगा व राजेंद्र मोहन तथा एक भाजपा का हरदीप सिंह राजा अपनी अपनी पत्नियों को टिकट दिलवाने में कामयाब हो गए हैं। महिला आरक्षित सीटें हो जाने से योगा ने अपनी पत्नी रजनी, राजेंद्र मोहन ने नर्वदा मोहन व हरदीप सिंह ने गुरदीप कौर को मैदान में उतारा है। अब देखना है कि आगामी 6 मई को कोई बागी अपना नाम वापस लेता है कि नहीं, उससे ही आगामी स्थिति साफ होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

