बडोहग पटवार वृत्त शिफ्ट करना सरकार का जनविरोधी फैसला : सिकंदर कुमार
शिमला, 02 जनवरी (हि.स.)। राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने कांग्रेस सरकार द्वारा बडोहग पटवार वृत्त को कांगू से हटाकर उपतहसील गलोड़ में स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस फैसले को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार का जनविरोधी कदम बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
डॉ. सिकंदर कुमार ने बताया कि बडोहग पटवार वृत्त के अंतर्गत बढ़ेड़ा, ढगो, सासन ब्राह्मणा, कारघू खालसा, कारघू जागीर, सनाही कलां, सनाही खुर्द, कोहलवीं, चलैली और हार मसंदा सहित करीब 11–12 गांव आते हैं, जहां के लोगों को अब तक बडोहग में ही राजस्व संबंधी काम आसानी से हो जाते थे। उन्होंने कहा कि बडोहग कांगू से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि गलोड़ उपतहसील 8 से 14 किलोमीटर दूर पड़ती है, जिससे आम लोगों पर समय और पैसे दोनों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से ही सुक्खू सरकार जनसुविधाओं के खिलाफ फैसले ले रही है और पहले भी पटवार सर्कल, तहसील, उपतहसील, पशु चिकित्सालय, एसडीएम कार्यालय, स्कूल और कॉलेज समेत 1500 से अधिक सरकारी संस्थानों को बंद किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता में आई, लेकिन अब जनता की भावनाओं के विपरीत फैसले कर रही है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है और लोगों ने विकास की उम्मीद में उन्हें चुना था, लेकिन अब वही जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 में भी उपतहसील के गठन का प्रयास किया गया था, जिसे जनता के विरोध के चलते वापस लेना पड़ा था। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने सरकार से मांग की है कि बडोहग पटवार वृत्त को गलोड़ शिफ्ट करने की अधिसूचना को तुरंत जनहित में वापस लिया जाए, अन्यथा स्थानीय लोग अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

