शिमला की मेहली पंचायत बनेगी मॉडल सोलर विलेज, मिलेगा एक करोड़ रुपये का पुरस्कार

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शिमला, 06 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिले की मेहली ग्राम पंचायत को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। सोमवार को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने वाली पंचायत के रूप में मेहली का चयन किया गया है, जिसे अब एक करोड़ रुपये का पुरस्कार भी मिलेगा।

दरअसल, इस योजना के तहत पहले शिमला जिले के दस गांवों का चयन किया गया था। इनमें त्याल, छकड़ैल, दत्त नगर, कितबाड़ी, परहेच, शिंगला, सराहन, कुमारसैन, बौंडा और मेहली पंचायत शामिल थीं। इन पंचायतों को 28 फरवरी 2026 तक जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार तय समय सीमा के भीतर केवल मेहली पंचायत ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर पाई, जिसके चलते इसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में चुना गया है।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सौर ऊर्जा अपनाने से परिवारों को आर्थिक रूप से भी मजबूती मिलेगी और बिजली पर खर्च कम होगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और लोगों की भागीदारी बढ़ाने की अपील की।

जिला प्रशासन के अनुसार इस योजना के तहत अब तक शिमला जिले में कुल 657 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 231 घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम का इंस्टॉलेशन कार्य पूरा हो चुका है। इनसे लगभग 803 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। स्थापित किए गए सभी 231 संयंत्रों का निरीक्षण कार्य भी पूरा किया जा चुका है, जबकि इनमें से 204 लाभार्थियों को सब्सिडी भी प्रदान की जा चुकी है।

उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत पंचायतों को भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रत्येक सोलर रूफटॉप स्थापना पर पंचायत को एक हजार रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इससे पंचायतों को योजना के प्रचार और लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत “आदर्श सौर ग्राम” घटक भी शामिल है। इसके अंतर्गत उस पंचायत का चयन किया जाता है, जहां सबसे अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जाते हैं। ऐसी पंचायत को सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में योगदान के लिए एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को तेज़ करना है।

केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरों की छतों पर सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाना और लोगों को अपनी बिजली स्वयं पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत 2 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र पर 60 प्रतिशत तक और 2 से 3 किलोवाट की अतिरिक्त क्षमता पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। अधिकतम 3 किलोवाट तक करीब 85 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए, उसके पास उपयुक्त छत वाला घर और वैध बिजली कनेक्शन होना जरूरी है। साथ ही परिवार ने पहले किसी अन्य सोलर योजना की सब्सिडी नहीं ली होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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