रामपुर के कांग्रेस विधायक नंद लाल का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार
शिमला, 03 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की रामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक नंद लाल का मंगलवार को निधन हो गया। आज सुबह 5 बजे चमियाना सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। वह 72 वर्ष के थे। नंद लाल काफी समय से बीमार चल रहे थे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को चमियाना अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना था। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है।
नंद लाल रामपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक चुने गए थे। वह हिमाचल प्रदेश राज्य वित्त आयोग के सातवें आयोग के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने वर्ष 2007 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाते थे। कांग्रेस में उन्हें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के समर्थक नेताओं में भी गिना जाता था।
कमांडो के रूप में भी दी सेवाएं
नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सेवाएं दीं। वह प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में भी रहे।
नंद लाल वर्ष 1985 में एसपीजी में शामिल हुए थे और 1997 तक इस समूह में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें वर्ष 1982 के एशियाई खेल और 1983 में नई दिल्ली में आयोजित गुटनिरपेक्ष देशों की बैठक भी शामिल थी।
उन्होंने वर्ष 2007 में आईटीबीपी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद कांग्रेस के टिकट पर रामपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
राजीव गांधी और चंद्रशेखर से भी मिला सम्मान
नंद लाल को सुरक्षा सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। उन्हें वर्ष 2001 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया था। इसके अलावा तत्कालीन प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और चंद्रशेखर से भी उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान मिला था।
एसपीजी में सेवाएं देते हुए उन्होंने मॉरीशस, रूस, नेपाल, जर्मनी, फ्रांस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका और कई अन्य देशों की यात्रा की थी। उनकी सुरक्षा सेवाओं का अनुभव राजनीति में आने के बाद भी उनके साथ रहा।
चार बार विधायक बने, वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे
नंद लाल वर्ष 2007 में पहली बार रामपुर से विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। वर्ष 2022 में चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें विधानसभा की विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी मिली। वह मुख्य संसदीय सचिव भी रह चुके थे।
मार्च 2024 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस आयोग का काम राज्य की पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करना और उनके लिए संसाधनों के बंटवारे से जुड़े सुझाव देना था।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

