ऐसे ही बढ़ते रहे दाम तो पेट्रोल 150 रुपये लीटर तक पहुंच जाएगा : मंत्री जगत नेगी

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शिमला, 23 मई (हि.स.)। बागवानी व राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले जैसी होने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीज़ल लगातार महंगे होते जा रहे हैं, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है।

जगत नेगी ने शनिवार को कहा कि करीब 12 साल पहले जब केंद्र में यूपीए सरकार थी, उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल थी और देश में पेट्रोल करीब 55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था।

उन्होंने कहा कि आज भी कच्चे तेल की कीमतें लगभग उसी स्तर पर हैं, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुके हैं।

उन्होंने दावा किया कि अगर इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो पेट्रोल और डीज़ल के दाम डेढ़ सौ रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

राजस्व मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जल्द ही पर्यटन सीजन और सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे समय में ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर परिवहन लागत, पर्यटन कारोबार और बागवानी से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा।

नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को बड़े उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय दबावों से बाहर निकलकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों से सीख लेनी चाहिए। उनके मुताबिक इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने देश में दो आपातकाल जैसी स्थिति होने का आरोप भी लगाया। नेगी ने कहा कि एक तरफ सरकार के खिलाफ बोलने वालों पर जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ देश में “अघोषित आर्थिक आपातकाल” जैसे हालात बन गए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

वहीं हाल में सामने आए काकरोच टिप्पणी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जगत नेगी ने कहा कि देश के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कुछ लोग युवाओं के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं को रोजगार देने पर ध्यान देना चाहिए, न कि इस तरह की टिप्पणियां करने पर।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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