अधिकारियों-कर्मचारियों को धमकाने की राजनीति कर रही भाजपा : मंत्री राजेश धर्माणी

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शिमला, 28 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा नेताओं के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। दोनों मंत्रियों ने आरोप लगाया कि भाजपा का कर्मचारी और अधिकारी विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है और पार्टी सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

रविवार को जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में मंत्रियों ने कहा कि भाजपा का इतिहास कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों की अनदेखी से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे पुरानी पेंशन योजना का मामला हो या कर्मचारियों और अधिकारियों के अन्य अधिकारों का प्रश्न, भाजपा ने हमेशा उनके हितों के साथ न्याय नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा नेता सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके वैधानिक तथा प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन से रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

अनिरुद्ध सिंह और राजेश धर्माणी ने कहा कि सार्वजनिक मंचों से अधिकारियों को चेतावनी देना और भविष्य में कार्रवाई की धमकी देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में दर्ज मुकदमे सही हैं या गलत, इसका फैसला केवल अदालतें कर सकती हैं, राजनीतिक नेता नहीं। उनके अनुसार कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच चल रही है और न्यायिक प्रक्रिया अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका स्वतंत्र है और किसी मुकदमे की वैधता या अवैधता का निर्धारण राजनीतिक भाषणों से नहीं, बल्कि अदालत में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होता है।

मंत्रियों ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से सवाल किया कि क्या उनके कार्यकाल में मुकदमे दर्ज नहीं होते थे और क्या उस समय कानून व्यवस्था की प्रक्रिया लागू नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार के दौरान कानून के तहत की गई कार्रवाई को सही माना जाता था, तो आज उसी प्रक्रिया पर सवाल उठाना भाजपा की दोहरी नीति को दर्शाता है। उनके अनुसार भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए अलग-अलग समय पर अलग-अलग मानदंड अपनाती रही है।

दोनों मंत्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा इस समय आंतरिक गुटबाजी और नेतृत्व संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और आपसी संघर्ष से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भाजपा अनावश्यक विवाद पैदा कर रही है और अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा की इस राजनीति को समझती है।

अनिरुद्ध सिंह और राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार कानून के शासन, प्रशासनिक निष्पक्षता और कर्मचारियों तथा अधिकारियों की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को राजनीतिक दबाव में काम करने की आवश्यकता नहीं है और सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्पक्ष रूप से अपने दायित्व निभाने के लिए पूरा संरक्षण दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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