दिव्यांगजनों, सफाई कर्मचारियों और कमजोर वर्गों के कल्याण की योजनाओं की हुई समीक्षा

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दिव्यांगजनों, सफाई कर्मचारियों और कमजोर वर्गों के कल्याण की योजनाओं की हुई समीक्षा


मंडी, 27 मार्च (हि.स.)। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय समितियों की बैठकें आयोजित हुईं। इन बैठकों में दिव्यांगता अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति, राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तर की समिति, मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम, 2013 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति, अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री के नए 15-सूत्रीय कार्यक्रम तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति के कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं को पारदर्शिता व गंभीरता से धरातल तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि समाज के जरूरतमंद वर्गों को वास्तविक लाभ मिल सके।

दिव्यांगता समिति की बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2019 और सुगम्य भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को अनुकूल बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त कार्यालय में लिफ्ट निर्माण का कार्य प्रगति पर है। मंडी बस स्टैंड में दिव्यांगजनों तथा महिलाओं के लिए पृथक प्रतीक्षालय बनाने का मामला निगम द्वारा उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिन दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके कार्ड मिशन मोड पर बनाए जाएं। जिला में 1950 मामले लंबित हैं, जबकि 7632 यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्च माह में 20 मेडिकल बोर्ड आयोजित किए गए, जिनमें 661 मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए गए।

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के अंतर्गत जिला में 92 दिव्यांग बच्चों के लिए कानूनी संरक्षक नियुक्त किए गए हैं।

उपायुक्त ने समिति को निर्देश दिए कि जिन पात्र बच्चों के संरक्षक अब तक नियुक्त नहीं हुए हैं, उनके मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में एक मामले को स्वीकृति भी प्रदान की गई।

प्रधानमंत्री के नए 15-सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में आईसीडीएस सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, शहरी आजीविका मिशन तथा मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक एवं वित्त निगम द्वारा 3 मामलों में 25 लाख रुपये की ऋण सहायता प्रदान की गई है।

मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम, 2013 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

उपायुक्त ने सभी शहरी निकायों और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को मैनहोल की सफाई में लगे लोगों की सूची तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मैनहोल से निकाले गए मल को खुले में फेंकना स्वीकार्य नहीं है। इसके अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को सेवा लाभ सुनिश्चित करने और प्रत्येक कर्मचारी को सुरक्षा उपकरण समय पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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