चार नगर निगमों में चुनाव के लिए कांग्रेस ने बनाई कमेटियां, सीएम सुक्खू समेत कई दिग्गज़ों को मिला जिम्मा
शिमला, 24 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव घोषित होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य में सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों के चुनाव 17 मई को कराए जाएंगे, जबकि मतगणना 31 मई को होगी। इसी बीच कांग्रेस ने इन चारों नगर निगमों के लिए चुनाव संचालन समितियों का गठन कर दिया है, जिनमें वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को जिम्मेदारी दी गई है।
सोलन नगर निगम के लिए बनाई गई समिति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मंत्री रोहित ठाकुर, मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक संजय अवस्थी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, विधायक राम कुमार चौधरी, विधायक हरदीप सिंह बावा और डीसीसी अध्यक्ष सुभाष वर्मानी को शामिल किया गया है।
मंडी नगर निगम के लिए गठित समिति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मंत्री जगत सिंह नेगी, पूर्व मंत्री एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, विधायक चंदर शेखर, विधायक सुंदर ठाकुर और डीसीसी अध्यक्ष चंपा ठाकुर को जिम्मेदारी दी गई है।
धर्मशाला नगर निगम के लिए बनाई गई समिति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री चंदर कुमार, विधायक एवं चेयरमैन आर.एस. बाली, सांसद एवं डीसीसी अध्यक्ष अनुराग शर्मा, विधायक केवल पठानिया, विधायक मलेंद्र राजन, पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी और अजय महाजन को शामिल किया गया है।
पालमपुर नगर निगम के लिए गठित समिति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री राजेश धर्माणी, मंत्री यदविंदर गोमा, सांसद एवं डीसीसी अध्यक्ष अनुराग शर्मा, विधायक आशीष बुटेल, विधायक किशोरी लाल, विधायक संजय रत्तन, विधायक भवानी सिंह पठानिया और विधायक कमलेश ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगर निगम चुनावों को लेकर बनाई गई इन समितियों का उद्देश्य चुनावी रणनीति तैयार करना, उम्मीदवारों के चयन में सहयोग देना और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना है। चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्हों पर होंगे, ऐसे में प्रमुख राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ये चुनाव अग्निपरीक्षा से कम नहीं होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

