मानसून सीजन के दौरान जिला प्रशासन मिशन मोड में, अधिकारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक
शिमला, 02 जुलाई (हि.स.)। उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला अनुपम कश्यप ने गत वर्षों के दौरान मानसून के सीजन में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तत्काल प्रभाव से विशेष निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिमला जिला में बादल फटना, अतिवृष्टि, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, सड़क संपर्क बाधित होना, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति प्रभावित होना तथा सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है। ऐसे में मानव जीवन की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्यों का त्वरित संचालन तथा आवश्यक सेवाओं की निर्बाध बहाली जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने बताया कि जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के दौरान जिला प्रशासन मिशन मोड में कार्य करेगा। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने मुख्यालयों पर उपस्थित रहना होगा तथा किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए हर समय तैयार रहना होगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पहले से स्वीकृत सभी अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त माने जाएंगे। केवल अत्यंत आवश्यक एवं अपरिहार्य परिस्थितियों में ही सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। इस अवधि में सामान्य परिस्थितियों में कोई नया अवकाश भी स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
सभी अधिकारी बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे तथा अपने मोबाइल फोन एवं अन्य संचार माध्यम हर समय चालू रखेंगे। संपर्क विवरण में किसी भी परिवर्तन की सूचना तुरंत जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) तथा संबंधित वरिष्ठ अधिकारी को देनी होगी।
इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप अथवा अन्य अनौपचारिक माध्यमों से भेजे गए अवकाश संबंधी संदेशों को वैध अवकाश आवेदन या स्वीकृति नहीं माना जाएगा। बिना औपचारिक अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने अथवा मुख्यालय छोड़ने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ना. व प्रोटोकॉल), उपमंडल अधिकारियों (ना.), सहायक आयुक्त, जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, कार्यकारी दंडाधिकारियों, कानूनगो, पटवारियों सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने तथा सभी विभागों एवं एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में खोज एवं बचाव, राहत, पुनर्वास तथा आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपातकालीन तैनाती के लिए हर समय तैयार रहना होगा तथा अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, जवाबदेही एवं पेशेवर दक्षता के साथ करना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि जारी निर्देशों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

