अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव स्मारिका में मंडी शहर के 500 वर्षों के इतिहास पर होगा विशेष फोकस
मंडी, 15 जनवरी (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की स्मारिका उप समिति की बैठक उपमंडलाधिकारी (ना) सदर मंडी रूपिन्दर कौर की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में स्मारिका की थीम, कवर पेज, सामग्री की विविधता, मौलिक लेखों तथा प्रकाशन की गुणवत्ता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष मंडी शहर की स्थापना के 500 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं, ऐसे में स्मारिका के लेखों में मंडी शहर के ऐतिहासिक सफर, सांस्कृतिक विरासत और विकास क्रम से जुड़े तथ्यों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसके लिए इतिहासकारों और शोधार्थियों से संपर्क साधने का भी निर्णय लिया गया।
उपमंडलाधिकारी ने कहा कि इस बार स्मारिका को पूर्व वर्षों की तुलना में अधिक बेहतर, तथ्यात्मक और आकर्षक स्वरूप देने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने इतिहासकारों, साहित्यकारों और लेखकों से आग्रह किया कि स्मारिका के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले लेख पूर्णतः मौलिक हों तथा जिला भाषा अधिकारी के कार्यालय में 24 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पहुंचा दिए जाएं। इसके उपरांत समिति यह निर्णय लेगी कि किन लेखों को स्मारिका में प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेख अधिक विस्तृत न हों तथा प्रत्येक लेख के लिए 1500 से 2000 शब्दों की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है।
बैठक में स्मारिका के कवर पेज में मंडी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को प्रभावी ढंग से उभारने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही स्मारिका के समयबद्ध प्रकाशन को सुनिश्चित करने, सामग्री की सावधानीपूर्वक प्रूफ रीडिंग, भाषा की शुद्धता तथा समग्र प्रस्तुति को आकर्षक और सुसंगत बनाए रखने का निर्णय लिया गया, ताकि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की गरिमा के अनुरूप एक उच्चस्तरीय और संग्रहणीय स्मारिका प्रकाशित की जा सके। बैठक में वरिष्ठ छायाकार पत्रकार बीरबल शर्मा, साहित्यकार मुरारी शर्मा, दीपेंदर मांटा, सुभाष ठाकुर, खेम चंद शास्त्री, जिला भाषा अधिकारी एवं सदस्य सचिव रेवती सैनी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

