फोरलेन निर्माण से प्रभावित ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, उपायुक्त को सौंपा विस्तृत ज्ञापन
मंडी, 24 जून (हि.स.)। मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 फोरलेन परियोजना से प्रभावित विभिन्न मुहालों के लोगों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन से मिला। जिला परिषद सदस्य चंपा देवी ने उपायुक्त मंडी के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई, परियोजना अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को विस्तृत ज्ञापन भेजकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि फोरलेन निर्माण कार्य के चलते हार्डगलु, कुन्नू, साहल, पिपली, माना, पाली, मलोग और मसेरन सहित अनेक क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं, सिंचाई कूल्हों व पेयजल स्रोतों को नुकसान पहुंचा है, कई घरों व कृषि भूमि में दरारें पड़ चुकी हैं तथा भारी मिट्टी के डंगे लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। कई स्थानों पर जल निकासी व्यवस्था न होने से खेतों और मकानों को नुकसान पहुंच रहा है, जबकि बस स्टॉप, रेन शेल्टर, फुटब्रिज, सुरक्षा रेलिंग और पैदल मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
ग्रामीणों ने शिकायत की है कि कई कनेक्टिविटी मार्ग ब्लाइंड टर्न और खतरनाक कोणों पर बनाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। प्रभावितों ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, मुआवजा तथा टीसीपी एक्ट से संबंधित मामलों में लोगों को पर्याप्त जानकारी और न्याय नहीं मिल पाया है।
ज्ञापन में उपायुक्त की निगरानी में संयुक्त निरीक्षण, एनएचएआई व निर्माण कंपनी के अधिकारियों की मौजूदगी में जनसुनवाई, सभी अवरुद्ध संपर्क मार्गों की बहाली, सिंचाई एवं पेयजल स्रोतों की पुनर्स्थापना, वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा और पुनर्वास, फुटब्रिज, बस स्टॉप, रेन शेल्टर, सुरक्षा रेलिंग एवं पैदल मार्गों का निर्माण, निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। साथ ही टीसीपी अधिनियम की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने और पूर्व निर्मित भवनों को एनओसी प्रदान करने की भी मांग उठाई गई है।
चंपा देवी ने चेतावनी दी है कि यदि बरसात से पहले समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में जान-माल की भारी क्षति हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसी की होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

