मानसून : हिमाचल में 13 दिन में 43 लोगों की मौत, 56 घर क्षतिग्रस्त

मानसून : हिमाचल में 13 दिन में 43 लोगों की मौत, 56 घर क्षतिग्रस्त


मानसून : हिमाचल में 13 दिन में 43 लोगों की मौत, 56 घर क्षतिग्रस्त


शिमला, 10 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक मानसून की सामान्य वर्षा रिकार्ड हुई है। कुछ स्थानों पर बारिश ने कहर भी बरपाया है। प्रदेश में मॉनसून ने बीते 27 जून को दस्तक दी थी। पिछले 13 दिनों में बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में 43 लोगों की जान गई है, जबकि एक लापता है। इसके अलावा 62 लोग चोटिल हुए हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने यह जानकारी दी गई।

आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा 11 लोगों की मौत हुई है। सोलन में छह, बिलासपुर व कुल्लू में पांच-पांच, मंडी में चार, ऊना व सिरमौर में तीन-तीन, चम्बा व किन्नौर में दो-दो और हमीरपुर व शिमला में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।

आपातकालीन परिचालन केंद्र के प्रवक्ता ने बताया कि

बारिश से संबंधित घटनाओं में डूबना, सड़क दुर्घटनाएं और ऊंचाई से गिरना शामिल है। उन्होंने बताया कि 21 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं, आठ लोगों की बहने, ऊंचाई से गिरने के कारण छह, बिजली की चपेट में आने से चार और सर्प दंश से तीन लोगों की मौत हुई है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न हादसों में अब तक 62 लोग घायल हुए हैं जबकि एक अब भी लापता हैं।

प्रवक्ता के मुताबिक मानसूनी वर्षा से पहाड़ी राज्य में 56 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें नौ घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 47 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 45 पशुशाला और चार दुकानें भी ध्वस्त हुई हैं।

मानसूनी वर्षा से 16497 लाख का नुकसान

प्रवक्ता ने बताया कि बारिश के कारण राज्य में अब तक 16,497.53 लाख का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान 9964.72 लाख रुपये का लोकनिर्माण विभाग को हुआ है। जबकि जलशक्ति विभाग को 6255 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि राज्य में मानसून सीजन में अब तक भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बादल फटने और आसमानी बिजली की वजह से कोई मौत नहीं हुई है।

भूस्खलन से 28 सड़कें अवरुद्ध

राज्य में भूस्खलन से बुधवार तक 28 सड़कें अवरुद्ध रहीं। मंडी में आठ, शिमला में छह, सिरमौर में पांच, कांगड़ा में चार, किन्नौर में तीन और कुल्लू में दो सड़कें बंद हैं। इसके अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में 19 बिजली ट्रांसफार्मर और 16 पेयजल स्कीमें बाधित हैं।

अगले दो दिन भारी वर्षा की चेतावनी

राज्य में पिछले तीन दिनों से मानसून के मंद पड़ने से जोरदार वर्षा नहीं हुई है। पिछले 24 घण्टों के दौरान बैजनाथ में 32, पांवटा साहिब में 18, धौलाकुंआ में 17, पालमपुर, नाहन व डल्हौजी में आठ-आठ मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले पांच दिन मानसून के रफ्तार पकड़ने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन यानी 11 व 12 जुलाई को राज्य में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 जुलाई तक मौसम के खराब रहने के आसार हैं।

समरससमरससमरस

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा / सुनील शुक्ला

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