नारकंडा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, साइबर ठगी से बचाव और कानूनी मदद पर लोगों को किया जागरूक

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नारकंडा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, साइबर ठगी से बचाव और कानूनी मदद पर लोगों को किया जागरूक


शिमला, 26 जुलाई (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरणकिन्नौर स्थित रामपुर बुशहर के तत्वावधान में विकास खंड अधिकारी कार्यालय नारकंडा में रविवार को विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (एसीजेएम) अजय ठाकुर ने की।

अजय ठाकुर ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि सभी महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग, दिव्यांगजन, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित व्यक्ति तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम में तय आय सीमा के दायरे में आने वाले पात्र नागरिक इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। ऐसे लोगों को अदालत में अधिवक्ता उपलब्ध कराने, कानूनी सलाह देने, वाद दायर करने और अन्य आवश्यक कानूनी सहायता मुफ्त दी जाती है।

उन्होंने लोगों को साइबर ठगी से बचाव के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है तो उसे तुरंत संबंधित विभाग और पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी सहायता, संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार और कर्तव्यों तथा समाज के विकास में नागरिकों की भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी।

अजय ठाकुर ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को विभिन्न कानूनों और सरकारी प्रावधानों की जानकारी देता है। उन्होंने लोगों से किसी भी कानूनी समस्या या मुफ्त कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न कानूनी विषयों की जानकारी दी गई और उनके सवालों के जवाब भी दिए गए। पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम में स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, महिला मंडलों और युवक मंडलों के सदस्य तथा स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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