दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने वाले 54 लेक्चररों को मिलेगा 47 हजार रुपये वेतन स्तर का लाभ

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शिमला, 13 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए 54 लेक्चररों को दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद 47 हजार रुपये के उच्च वेतन स्तर का लाभ देने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ संबंधित मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही और संभावित अपील के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।

यह मामला हंस राज एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य से जुड़ा है। इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने 3 नवंबर 2025 को याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। बाद में याचिकाकर्ताओं की ओर से निष्पादन याचिका भी दायर की गई, जिस पर न्यायालय ने विभाग को दो सप्ताह के भीतर जवाब या अनुपालना शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए थे।

शिक्षा विभाग के अनुसार लाभ पाने वाले लेक्चररों की नियुक्ति वर्ष 2013-14 में लेक्चरर (स्कूल न्यू) के पद पर हुई थी। उनकी सेवाएं वर्ष 2017 में नियमित की गई थीं। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली थी।

विभाग ने बताया कि वित्त विभाग की 3 जनवरी 2022 की अधिसूचना के तहत संशोधित वेतन नियम लागू किए गए थे। बाद में 6 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के माध्यम से नियम 7(ए) जोड़ा गया, जिसे 3 जनवरी 2022 से प्रभावी माना गया। इस प्रावधान के अनुसार दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को 47 हजार रुपये के वेतन स्तर का लाभ दिया जाना है।

निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि संबंधित लेक्चररों का वेतन 47 हजार रुपये के स्तर पर निर्धारित किया जाए और नियमानुसार देय बकाया राशि भी जारी की जाए। इसके लिए संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह लाभ अंतिम रूप से सुनिश्चित नहीं माना जाएगा। यदि भविष्य में इस मामले में दायर की जाने वाली अपील या अन्य कानूनी प्रक्रिया में फैसला विभाग के पक्ष में आता है, तो संबंधित कर्मचारियों को दी गई अतिरिक्त बकाया राशि वापस करनी होगी। इसी कारण विभाग ने सभी लाभार्थी लेक्चररों से लिखित आश्वासन लेने और उसकी प्रविष्टि उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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