नालागढ़ धमाके को लेकर भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना

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नालागढ़ धमाके को लेकर भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना


सोलन, 03 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने नालागढ़ में पुलिस थाने के बाहर हुए संदिग्ध धमाके को गंभीर मामला बताते हुए कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।

डॉ. सहजल ने शनिवार को कहा कि नालागढ़ प्रदेश की एक अतिसंवेदनशील और प्रमुख औद्योगिक नगरी है। ऐसे क्षेत्र में पुलिस थाने के समीप धमाका होना यह साफ दर्शाता है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार हालात संभालने में विफल रही है। उन्होंने बताया कि धमाके के बाद आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और मौके पर एनआईए तथा फॉरेंसिक टीम को पहुंचना पड़ा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला बेहद गंभीर है। इसके बावजूद सरकार इसे सामान्य घटना बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

भाजपा नेता ने नालागढ़ के डीएसपी भीष्म ठाकुर की तैनाती पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि डीएसपी भीष्म ठाकुर जनवरी 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके थे, इसके बावजूद उन्हें दो वर्ष का विस्तार देकर नालागढ़ जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनात किया गया। डॉ. सहजल ने कहा कि यह फैसला न तो प्रशासनिक दृष्टि से उचित है और न ही सुरक्षा के लिहाज से समझ में आने वाला है।

डॉ. सहजल ने आरोप लगाया कि डीएसपी को मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल के करीबी होने के कारण विस्तार दिया गया है और उनके मामले में तथाकथित मित्रमंडली का प्रभाव साफ नजर आता है। उन्होंने कहा कि बार-बार सवाल उठने के बावजूद न तो उनकी भूमिका की समीक्षा की जा रही है और न ही उन्हें वहां से हटाया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारी अक्सर अवकाश पर रहते हैं, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है और क्षेत्र की कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रदेश में कई योग्य, युवा और सक्रिय अधिकारी मौजूद हैं, तो फिर एक सेवानिवृत्त अधिकारी को राजनीतिक संरक्षण देकर इतने संवेदनशील क्षेत्र में क्यों तैनात रखा गया है। डॉ. सहजल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने प्रशासन को अपने मित्रों और चहेतों के हवाले कर दिया है, जिसका खामियाजा आम जनता, उद्योगपति और मजदूर भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि नालागढ़ में भय और असुरक्षा का माहौल बन चुका है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।

डॉ. राजीव सहजल ने मांग की कि नालागढ़ धमाके की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करवाई जाए। साथ ही डीएसपी स्तर की तैनातियों और एक्सटेंशन की तुरंत समीक्षा की जाए और क्षेत्र में पूर्णकालिक, सक्षम और सक्रिय अधिकारी की नियुक्ति की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं लाई, तो भाजपा इस मुद्दे को नालागढ़ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में सड़क से सदन तक उठाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा

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