कुल्लू में भारी बारिश से तबाही जारी, डंगा गिरने और भू-स्खलन से कई मकान खतरे की जद में
कुल्लू, 01 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में इस साल मानसून की बारिश भारी तबाही लेकर आई है। जिले भर में करोड़ों रुपये की संपत्ति बारिश और बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है। सड़कें, मकान और सुरक्षात्मक डंगे (रिटेनिंग वॉल्स) लगातार ध्वस्त हो रहे हैं, जिससे जनजीवन खतरे में पड़ गया है।
ताजा घटनाक्रम में सोमवार को कुल्लू शहर के गुगा मंदिर के समीप एक बड़ा डंगा अचानक गिर गया, जिससे वहां खड़ी कई बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। डंगे के गिरने से मार्ग के साथ लगते कई रिहायशी मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और सभी इस आशंका में हैं कि कहीं उनके मकानों के सामने भूस्खलन न हो जाए।
इसके अतिरिक्त लोरन क्षेत्र के समीप स्थित सरवरी बाजार में भी पहाड़ी से भूस्खलन हुआ, जिसकी जद में स्थानीय निवासी नितिन सूद का मकान आ गया। इस मकान में दो दुकानें भी थीं, जो मलबे के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भूस्खलन का मलबा एक कोना तोड़ते हुए सड़क तक आ गया, जिससे मार्ग भी आंशिक रूप से प्रभावित हो गया।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस लोरन क्षेत्र में एक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया था, जिससे भी क्षेत्र में खतरा बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / जसपाल सिंह

