किशाऊ परियोजना से हिमाचल को हर साल 600 करोड़ की आय होगी: हर्षवर्धन चौहान
शिमला, 16 सितंबर (हि.स.)। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना में प्रदेश के हित सुरक्षित किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि परियोजना के बिजली घटक में हिमाचल प्रदेश को कोई वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ेगा और इससे राज्य को हर साल करीब 600 करोड़ रुपये की आय होगी। चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने परियोजना को लेकर हिमाचल के हितों की सुरक्षा के लिए लंबी बातचीत की और प्रदेश के पक्ष को मजबूती से रखा।
चौहान ने बुधवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किशाऊ बांध परियोजना लंबे समय से लंबित थी। अब इसके क्रियान्वयन का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने कहा कि परियोजना में हिमाचल के हितों को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने लगातार प्रयास किए। विपक्ष की ओर से किशाऊ परियोजना को केंद्र सरकार की उपलब्धि बताए जाने के सवाल पर चौहान ने कहा कि चुनावी वर्ष में विपक्ष सरकार की उपलब्धियों की प्रशंसा नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपना काम कर रहा है और सरकार अपना काम करेगी।
उद्योग मंत्री ने भाजपा पर हिमाचल के हितों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के हितों का पर्याप्त संरक्षण नहीं किया गया। केंद्र की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने से प्रदेश को नुकसान हुआ है और भाजपा इस मुद्दे पर खामोश है। चौहान ने कहा कि भाजपा हिमाचल के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस से भाजपा में गए विधायक भाजपा को कमजोर करने में लगे हैं और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर नाराजगी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में लौटने के सपने देख रही है, जो पूरे नहीं होंगे।
चौहान ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन पर लगाए गए टैक्स को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह के टैक्स का असर मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग पर पड़ेगा। चौहान ने आरोप लगाया कि ऐसे फैसलों के पीछे केंद्र सरकार पर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का दबाव हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

