जमीन विवाद मामले में खली ने लगाए कई आरोप, सुक्खू सरकार से की जांच की मांग
शिमला, 20 जनवरी (हि.स.)। “अधिकारी संविधान से ऊपर नहीं हो सकते” बयान के साथ मशहूर रेसलर द ग्रेट खली एक बार फिर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में जमीन से जुड़े विवाद को लेकर सामने आए हैं।
शिमला में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को उनकी पुश्तैनी और खरीदी गई जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। खली ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग राज्य की सुक्खू सरकार से की है।
द ग्रेट खली ने बताया कि पांवटा साहिब क्षेत्र के सूरजपुर गांव में उनके पिता ने करीब 12 साल पहले एक महिला से 16 बीघा जमीन खरीदी थी। इस जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, इसके बावजूद राजस्व विभाग द्वारा यह कहकर उन्हें बेदखल किया गया कि यह जमीन किसी और व्यक्ति की है। खली का आरोप है कि उनके दस्तावेजों को गलत ठहराते हुए नई रजिस्ट्री और कागजात तैयार किए गए, जिससे उन्हें अपनी ही जमीन से बाहर कर दिया गया।
खली ने दावा किया कि यह मामला केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। पांवटा साहिब क्षेत्र में करीब 100 ऐसे लोग हैं, जिन्हें इसी तरह उनकी जमीनों से बेदखल किया गया है। उन्होंने कहा कि कई पीड़ित वर्षों से इन जमीनों पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं और उनके पास भी जमीन से जुड़े दस्तावेज हैं, लेकिन फिर भी उन्हें यह कहकर हटाया जा रहा है कि उनकी असली जमीन कहीं और है।
खली ने आरोप लगाया कि यह सब राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है और आम लोगों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद को “सुपर पावर” समझने लगे हैं, जबकि देश का संविधान सबसे ऊपर है और कोई भी इससे ऊपर नहीं हो सकता। खली ने यह भी कहा कि बहुत कम समय में कुछ अधिकारियों द्वारा बड़ी संपत्ति खड़ी किए जाने की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी और एक जांच समिति भी बनाई गई, लेकिन जांच की प्रक्रिया से वे संतुष्ट नहीं हैं। खली का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही, इसलिए सरकार से मांग है कि जांच समिति बदली जाए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए।
द ग्रेट खली ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर पूरे मामले को उनके सामने रखेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर न्यायपूर्ण फैसला करेंगे। खली ने कहा कि उनका काम आवाज उठाना है, जबकि दोषियों पर कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

