कौशल दीक्षांत समारोह: कौशल विकास ही स्वावलंबन और आत्मनिर्भर भारत का आधार: जयराम ठाकुर

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कौशल दीक्षांत समारोह: कौशल विकास ही स्वावलंबन और आत्मनिर्भर भारत का आधार: जयराम ठाकुर


मंडी, 06 सितंबर (हि.स.)। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान मंडी द्वारा सरदार पटेल विश्वविद्यालय में कौशल दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विभिन्न व्यवसायों में सफलतापूर्वक कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विद्या भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री विजय नड्डा तथा जन शिक्षण संस्थान मंडी के अध्यक्ष मोहन सिंह केशठा, उपाध्यक्ष तारिका सेन और शिक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान प्रशिक्षित युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जयराम ठाकुर ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज का युग कौशल-आधारित शिक्षा का है। केवल डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि हुनरमंद होना आवश्यक है। कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को स्वावलंबी बनाती है, जिससे वे खुद स्वरोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बनते हैं।

जन शिक्षण संस्थान मंडी के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़े साझा किए कि वर्ष 2021 में स्थापना के बाद से संस्थान ने 2021-22 से अब तक 9,288 युवाओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है। इसमें सबसे सराहनीय बात यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और वंचित वर्गों के प्रतिभागी शामिल हैं। जन शिक्षण संस्थान द्वारा ब्यूटी, वेलनेस, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट और हेल्थकेयर जैसे आधुनिक व पारंपरिक क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हुनर प्रदान किया जा रहा है।

अपने संबोधन में जयराम ठाकुर ने अपनी पूर्व सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा दिया और 'मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना' की शुरुआत की थी, ताकि युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के अवसर मिल सकें। हालांकि, उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए अफसोस जताया कि इस कल्याणकारी योजना को बंद कर दिया गया है, जिससे राज्य में नए रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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