राज्य में ट्रेड फेयर को लेकर बनाई जाएगी पॉलिसी : मुख्यमंत्री
धर्मशाला, 03 दिसंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मेले सदियों से हिमाचल में चले आ रहे हैं। पहले छोटे स्तर पर कोरबारी आते थे, अब ये कर्मशियल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब अनुमति प्रदान कर दी गई है, तो उसे दो माह नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर विचार-विमर्श कर कार्य किया जाएगा। लिखित आदेश को जांचने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सदन में विधायक राकेश जमबाल द्वारा उठाये गए मामले में दी।
वहीं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नियम-62 के तहत उठाये गए इस मामले पर सदन में कहा कि ये संवेदनशील विषय है। राज्य एक देवभूमि है, इसमें हर मेले का अपना इतिहास रहा है। विभिन्न मेलों का आयोजन राज्य भर में किया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित व्यपारियों को आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। जबकि अब राज्य में ट्रेड फेयर लगाने की प्रक्रिया नगर निकायों में आमदनी बढ़ाने को लग रहे हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन ऐप से भी स्थानीय व्यापारियों को बड़ा नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सुदरंगर सहित राज्य भर के लिए इसके लिए पॉलिसी बनाई जाएगी। जिसके लिए इसमें व्यपारियों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले कारोबारियों की भी बात सुनी जाएगी। हालांकि क्षेत्र में हो रहे व्यपारियों के नुक्सान को लेकर भी उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सुंदरनगर में ट्रेड फेयर के लिए तीन लाख 41 हजार के करीब राशि आ चुकी है, लेकिन उचित कदम इस संबंध में उठाया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मामला आगे जा चुका है, जबकि भविष्य में उचित कदम उठाए जाएंगे।
सुदरंगर के विधायक राकेश जंबाल ने कहा कि इस तरह के मेले के लिए भविष्य की योजना सही कदम है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद सुदरंगर की ओर से 20 लाख मैदान में हरी घास लगाई गई है। उन्होंने कहा कि हाउस में पास किए बिना अनुमति दी गई है, ऐसे में उसे रिजेक्ट किया जाना चाइए। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत प्रभाव से मेले को रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति भी इससे खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ से एक माह के लिए जाने वाले मैदान को मात्र तीन लाख 41 हजार में क्यों प्रदान किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

