धौलाधार पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश से बढ़ी ठंड
धर्मशाला, 07 अक्टूबर (हि.स.)।
कांगड़ा जिले में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। धर्मशाला, पालमपुर सहित जिले के मैदानी और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू हो गया, जबकि धौलाधार की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। शाम करीब पांच बजे के बाद बारिश तेज होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड का असर बढ़ गया। धौलाधार की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने से मौसम ने सर्दी की दस्तक का अहसास करा दिया। पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के कारण कांगड़ा जिले में किसान धान की कटाई में जुटे हुए थे। कई किसानों ने खेतों से धान काटकर फसल को खुले में ही रखा हुआ था। ऐसे में अचानक हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों और खुले स्थानों पर रखी कटी हुई फसल के भीगने से उसके खराब होने और गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
किसानों को अब बारिश थमने का इंतजार करने के साथ-साथ कटी फसल को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी सूचना है। इससे खेतों में खड़ी फसलों के अलावा बागवानों की फसलों को भी नुकसान की आशंका है। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर उन किसानों के लिए परेशानी अधिक है, जिन्होंने धान की कटाई शुरू कर दी है और फसल खेतों में ही पड़ी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 12 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। छह से नौ अक्तूबर तक तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी मौसम के तेवर बने रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को तैयार फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। वहीं, धौलाधार और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम में बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। बारिश और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड और बढ़ने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

