कचरा प्रबंधन में कांगड़ा की पंचायत को मिलेगा राज्य पर्यावरण पुरस्कार
धर्मशाला, 30 मई (हि.स.)।
ग्रामीण स्तर पर ठोस कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कांगड़ा की ग्राम पंचायत 'शीला भूटड़' ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो आज पूरे देश के लिए एक नजीर बन चुका है। पंचायत के इस अभूतपूर्व और वैज्ञानिक वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल को देखते हुए प्रदेश सरकार के पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इसे इस वर्ष के प्रतिष्ठित राज्य पर्यावरण नेतृत्व पुरस्कार 2025-26 के लिए चुना है। आगामी 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आयोजित होने वाले भव्य राज्य-स्तरीय समारोह में पंचायत को इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाएगा।
पर्यावरण विभाग के निदेशक द्वारा ग्राम पंचायत शीला भूटड़ के प्रधान को भेजे गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, पंचायत ने अपने क्षेत्राधिकार में कचरा एकत्रीकरण और पर्यावरण सुधार के क्षेत्र में जो आत्मनिर्भर मॉडल विकसित किया है, वह सराहनीय है। इस ऐतिहासिक समारोह के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जो पंचायत प्रतिनिधियों को विशेष ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि भेंट कर सम्मानित करेंगे। इस बड़ी उपलब्धि से न केवल जिला कांगड़ा बल्कि पूरे प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता की एक नई बयार चल पड़ी है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

