100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित

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100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित


धर्मशाला, 27 मार्च (हि.स.)। 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत शुक्रवार को धर्मशाला में आयुष अधिकारियों एवं चिकित्सकों के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के सभागार में किया गया, जहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आयुष अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाना तथा आयुष विभाग की भूमिका को अभियान में और अधिक सक्रिय एवं मजबूत करना रहा।

कार्यशाला के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सूद ने जिला कांगड़ा में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों, उपलब्धियों, चुनौतियों एवं आगामी रणनीतियों की विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह एक जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक विभाग, प्रत्येक संस्था, प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी तथा समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि आयुष विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन अभियान में दिया जा रहा सहयोग अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायक है। आयुष चिकित्सक समाज के अंतिम छोर तक पहुंच रखने वाले ऐसे स्वास्थ्य स्तंभ हैं, जिनकी भूमिका ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के दौरान आयुष विभाग की भागीदारी न केवल रोग की शीघ्र पहचान में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि उपचार अनुपालन, परामर्श, सामुदायिक विश्वास निर्माण एवं सामाजिक समर्थन को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक करोल एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. ब्रिज नंदन शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभागीय समन्वय, सामुदायिक जागरूकता, बहु-क्षेत्रीय सहयोग और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने, संभावित मरीजों की पहचान करने, निक्षय पोर्टल से जुड़ाव बढ़ाने तथा निक्षय मित्र अभियान को जनआंदोलन का रूप देने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ. निकेत तथा राज्य स्तर पर द यूनियन के कंसलटेंट सुनील सविता ने भी सहभागिता की।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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