सतत एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए प्रभावी नियोजन आवश्यक : राजेश धर्माणी

WhatsApp Channel Join Now
सतत एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए प्रभावी नियोजन आवश्यक : राजेश धर्माणी


धर्मशाला, 28 जून (हि.स.)। तकनीकी शिक्षा, आवास एवं नगर नियोजन तथा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सतत, संतुलित एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए प्रभावी नियोजन और विभिन्न राज्यों के सफल अनुभवों से सीखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर नियोजन पद्धतियों के आदान-प्रदान से प्रदेशों को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक विकास मॉडल तैयार करने में सहायता मिलती है।

रविवार को धर्मशाला में टाउन प्लानर्स इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (आईटीपीआई) नॉर्दर्न चैप्टर द्वारा आयोजित नीतिगत ढांचा और योजना प्रथाओं विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेमिनार का प्रमुख उद्देश्य हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में अपनाई जा रही श्रेष्ठ नियोजन कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान कर एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना था।

उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी योजनाओं, नीतियों और कार्यान्वयन के अनुभव साझा किए, जिससे बेहतर शहरी नियोजन व्यवस्था विकसित करने के लिए उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए। हरियाणा की ओर से प्रस्तुत ई-गवर्नेंस, नियोजन प्रक्रियाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं से हिमाचल प्रदेश को कई नई जानकारियां मिली हैं।

राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार योजनाबद्ध विकास के माध्यम से पर्यटन, आधारभूत ढांचे तथा शहरी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण को समान महत्व देना आवश्यक है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

संगोष्ठी के दौरान हिमाचल प्रदेश के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सुरक्षित एवं टिकाऊ आधारभूत ढांचे के निर्माण तथा पर्यावरण अनुकूल विकास मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के दौरान विभाग के वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त मुख्य नगर योजनाकारों तथा स्टेट टाउन प्लानर्स ने अपने लंबे प्रशासनिक एवं तकनीकी अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान सामने आई चुनौतियों, नवाचारों तथा उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए युवा अधिकारियों एवं योजनाकारों का मार्गदर्शन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

Share this story