साई केंद्र धर्मशाला की दो खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन

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साई केंद्र धर्मशाला की दो खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन


धर्मशाला, 01 नवंबर (हि.स.)। धर्मशाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की दो खिलाड़ियों का भारतीय महिला टीम में चयन हुआ था। भारतीय टीम ने 23 से 31 अक्टूबर तक अहमदाबाद में आयोजित पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में युगांडा को 35-15 से हराकर खिताब अपने नाम किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने सभी छह मुकाबले जीतकर अजेय रहते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप की पहली विजेता बनी।

एनसीओई धर्मशाला के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि केंद्र की तीन खिलाड़ी पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर हाल ही में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा रही हैं। भारतीय टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता था। टीम की कप्तानी भी धर्मशाला केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त पुष्पा राणा ने की थी।

पुष्पा राणा की उपलब्धियों का सिलसिला भी लगातार जारी है। वह वर्ष 2025 में महिला कबड्डी विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की उपकप्तान रही हैं। इसके अलावा एशियाई महिला कबड्डी चैंपियनशिप और दक्षिण एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वहीं ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर ने भी एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है।

गौरतलब है कि धर्मशाला स्थित साई केंद्र वर्ष 1998 से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहा है। यहां कबड्डी के अलावा एथलेटिक्स व वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाओं को तराशा जा रहा है। केंद्र से तैयार खिलाड़ी अब तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 19 पदक जीत चुके हैं। एथलेटिक्स में भी केंद्र ने लड़कियों के लिए 20 सीटों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। हाल ही में वॉलीबॉल में भी केंद्र की खिलाड़ियों ने अंतर विश्वविद्यालय उत्तर क्षेत्र प्रतियोगिता में रजत और कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

केंद्र के सहायक निदेशक जेपी साहनी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक से लेकर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भारतीय महिला टीम की खिताबी जीत तक धर्मशाला केंद्र की खिलाड़ियों की भागीदारी ने हिमाचल को खेलों के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। यह उपलब्धियां प्रदेश की युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

Livevns.news Desk
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