सड़क हादसे में युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन

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धर्मशाला, 17 अगस्त (हि.स.)। धर्मशाला के समीप शीला-गगल मार्ग पर सोमवार को लोगों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम किया। हादसे में घायल व्यक्ति की मौत पर गुस्साए मृतक के परिजनों ने ग्रामीणों के साथ चक्का जाम किया तथा इलाज व पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। धर्मशाला में 10 अगस्त को हुए सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की बीते दिन रविवार को टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन तथा हादसे में शामिल डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सोमवार सुबह हादसे के मृतक अंकुश सोनी (42) को न्याय दिलाने की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने धर्मशाला-चैतड़ू-कांगड़ा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सुबह करीब साढ़े 10 बजे लोगों ने अंकुश का शव सड़क पर रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। वहीं परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

मामले को लेकर मौके पर पहुंचे एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न ने परिजनों से बातचीत कर जांच और हरसंभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दोषियों के खिलाफ की जाए सख्त कार्रवाई : शिवानी

मृतक की पत्नी शिवानी सोनी ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद उनके पति को समय पर अस्पताल की ओर से सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि हादसे में शामिल वाहन कथित तौर पर गलत दिशा से आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया गया है। शिवानी सोनी ने अस्पताल में इलाज के दौरान उनके पति को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इसके बाद उनके पति की हालत बिगड़ी और वह दोबारा होश में नहीं आए। शिवानी सोनी ने हादसे में शामिल डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निलंबन की मांग करते हुए कहा कि परिवार में बच्चे हैं और जब तक मामला कानूनी रूप से खत्म नहीं होता, तब तक परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

आरोपों की करवाई जाएगी जांच : एसडीएम

चक्का जाम कर रहे परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंचे एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न ने बताया कि हादसा 10 अगस्त की शाम को हुआ था। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करवाई जाएगी। प्रशासन की ओर से तत्काल मुआवजा उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि पुलिस ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में भी मामला रिपोर्ट किया है। एसडीएम ने बताया कि हादसे में शामिल चालक का मेडिकल करवाया गया था और ब्लड सैंपल भी लिया गया था। एफआईआर दर्ज होने में देरी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई की है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

अस्पताल में आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट किए जाने के आरोप पर एसडीएम ने कहा कि इस संबंध में अभी कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। यह तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे कि मरीज को किस चिकित्सकीय सिफारिश के आधार पर वार्ड में शिफ्ट किया गया था।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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