पीडब्ल्यूडी में अब वामिस सॉफ्टवेयर से होगी सड़कों के निर्माण कार्यों की निगरानी
धर्मशाला, 18 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। विभागीय कार्यों की निगरानी से लेकर निर्माण की माप दर्ज करने, ठेकेदारों के बिल तैयार करने और भुगतान की प्रक्रिया तक ऑनलाइन होगी। इसके लिए विभाग में वर्क्स एंड अकाउंट्स मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (वामिस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से काम किया जा रहा है।
सितंबर से लागू की गई इस व्यवस्था के तहत विभाग ने विभिन्न कार्यों से संबंधित छह प्रमुख मॉड्यूल में मैनुअल प्रक्रिया समाप्त करने का निर्णय लिया है। पहली सितंबर के बाद संबंधित मॉड्यूल से जुड़े कार्यों के लिए भौतिक फाइलें स्वीकार नहीं करने का प्रावधान किया गया है। नई व्यवस्था में ई-मेजरमेंट बुक (ई-एमबी) के माध्यम से निर्माण कार्यों की माप कंप्यूटर पर दर्ज होगी। इससे यह रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा कि संबंधित सड़क पर कितना काम हुआ है और ठेकेदार ने निर्धारित कार्य के मुकाबले कितनी प्रगति की है।
ठेकेदारों के बिल भी ऑनलाइन तैयार होंगे और भुगतान की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। खर्च का ब्योरा लेखा प्रणाली से जुड़ने के कारण वित्तीय रिकॉर्ड की निगरानी भी आसान होगी।इस व्यवस्था का एक अहम पहलू यह है कि निर्माण कार्यों को स्वीकृत प्राक्कलन और निर्धारित कार्यक्षेत्र के अनुरूप ही करना होगा। सड़क के जिस हिस्से और जितने काम के लिए स्वीकृति मिली है, उसका विवरण डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा। इससे कार्यों की वास्तविक स्थिति, दर्ज की गई माप और भुगतान के दावों का मिलान करने में मदद मिलेगी।
साथ ही, अधिकारियों के लिए कार्यों की प्रगति और खर्च पर नजर रखना आसान होगा। वामिस के माध्यम से लेखा प्रबंधन, कार्यों की निगरानी, ई-मेजरमेंट बुक, ई-बिलिंग, महालेखाकार कार्यालय के साथ एकीकरण और प्रबंधन सूचना प्रणाली को एक मंच पर लाया गया है। इससे निर्माण कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और वित्तीय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कांगड़ा-चंबा के मुख्य अभियंता ई. विकास सूद का कहना है कि प्रदेश भर सहित कांगड़ा-चंबा क्षेत्र में व्यवस्था किस स्तर तक लागू हो चुकी है, ठेकेदारों और फील्ड अधिकारियों के लिए निर्देश गए हैं, तथा इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी में बदलाव आएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

