सरकार की बेरुखी से पेंशनर्स खफा, दी आंदोलन की चेतावनी

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धर्मशाला, 16 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के पेंशनर्स की मुख्य मांग को सरकार ने एक बार फिर अनदेखा कर दिया है। पेंशनर्स को बड़ी आशा थी कि उनकी मुख्य मांगों को सरकार मान लेगी, परन्तु पेंशनर्स को निराशा ही हाथ लगी। जिला कांगड़ा पेंशनर संघ के प्रधान कृष्ण स्वरूप शर्मा ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि राज्य की पेंशनर्स एसोसिएशनों ने बार बार सरकार से भेंट कर मांग की थी कि जो पेंशनर्स जनवरी 2016 से लेकर जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत हुए हैं उनकी 80 फीसदी ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमैंट, कम्युटेशन अभी तक नहीं मिली है इनका शीघ्र भुगतान किया जाए, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। इससे पेंशनर्स में सरकार के प्रति रोष है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन को 50 फीसदी भी दे देती तो भी पेंशनर्स को संतुष्टी होती। उन्होंने कहा कि जिन पेंशनर्स का लाखों रूपया फंसा हुआ है। प्रधान ने कहा कि जो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को सरकार द्वारा जो वित्तीय लाभ दिया गया है उसका हम स्वागत करते हैं परन्तु दूसरों के साथ जो अन्याय हुआ है उसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा पेंशन संघ की आगामी बैठक में सबकी सहमति से अगली रणनीति बनाई जाएगी।

प्रधान ने जिला कांगड़ा पेंशन के सभी पेंशनर्स को विश्वास दिलाया है कि उनकी मांगों के प्रति कोई ठोस रणनीति बनाकर सरकार से मांगे मनवाईं जाएंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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