पेंशनर्स बजाएंगे आंदोलन का बिगुल, 18 संगठनों की कोर समिति की बैठक शुक्रवार को बिलासपुर में
धर्मशाला, 17 सितंबर (हि.स.)।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ फिर आंदोलन का ऐलान किया है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि 18 संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों की प्रदेश कोर समिति की बैठक कल शुक्रवार को बिलासपुर में होगी। इसमें 12 जिलों के अध्यक्ष व महासचिव और 18 संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष व महासचिव हिस्सा लेंगे। बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
सुरेश ठाकुर ने कहा कि सरकार की ओर से पेंशनरों की लंबित मांगों के समाधान के लिए संघर्ष समिति को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान और पेंशन के बकाया का भुगतान नहीं किया गया है। इसमें ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और पेंशन के अंश के रूप में मिलने वाली राशि भी शामिल है। इसके अलावा 15 प्रतिशत महंगाई राहत और लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान भी प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। उन्हें तीन प्रतिशत महंगाई राहत और 50 हजार रुपये बकाया की पहली किस्त का भुगतान भी नहीं हुआ है। शहरी स्थानीय निकायों के पूर्व कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 के वेतनमान के आधार पर पेंशन देने, बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और कारपोरेट क्षेत्र से 2004 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन देने समेत अन्य मांगें भी लंबित हैं।
सुरेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार पेंशनरों को अलग-अलग वर्गों में बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन एकजुट है और मांगों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में धरना-प्रदर्शन, विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के घेराव तथा सचिवालय घेराव की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने 15 दिन के भीतर संघर्ष समिति को वार्ता के लिए नहीं बुलाया और मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मांगें पूरी होने तक जारी रखने का निर्णय लिया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

