डॉ. ओमेश भारती ने संभाला कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पदभार
धर्मशाला, 13 अगस्त (हि.स.)। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित एवं प्रख्यात जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. ओमेश कुमार भारती ने वीरवार को कांगड़ा जिले के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति का स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डॉ. भारती हिमाचल प्रदेश के जाने-माने जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ, फील्ड एपिडेमियोलॉजिस्ट, रेबीज एवं सर्पदंश विशेषज्ञ तथा स्वास्थ्य नवप्रवर्तक हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में वैज्ञानिक शोध और फील्ड अनुभव को जनहित से जोड़ते हुए अनेक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहलों में योगदान दिया है।
डॉ. भारती का अनुभव केवल चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा है। अपने प्रारंभिक सामाजिक जुड़ाव के दौरान वे साक्षरता अभियान से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने समुदाय के बीच जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देने में योगदान दिया। इस अनुभव ने उनके सामुदायिक जुड़ाव और लोगों के बीच सीधे संवाद की क्षमता को और मजबूत किया। रेबीज की रोकथाम में उल्लेखनीय योगदान डॉ. भारती के प्रमुख योगदानों में कम लागत वाली इंट्राडर्मल एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन तकनीक को बढ़ावा देना शामिल है। उनके प्रयासों से रेबीज से बचाव की पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस सेवाओं को अधिक किफायती और जनसुलभ बनाने में मदद मिली। जनस्वास्थ्य और विशेष रूप से रेबीज की रोकथाम के क्षेत्र में उनके अग्रणी योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।
कांगड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की उम्मीद डॉ. भारती के नेतृत्व में कांगड़ा जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, रोगों की रोकथाम एवं शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार, प्रभावी रेफरल व्यवस्था, स्वास्थ्य निगरानी और सामुदायिक भागीदारी को और सुदृढ़ करने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है। उनके व्यापक फील्ड अनुभव, नवाचार की सोच और समुदाय से जुड़ने की क्षमता का लाभ जिले के स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मिलने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

