एनआईटी हमीरपुर में जुटेंगे देशभर के 50 कुलपति और निदेशक
धर्मशाला, 28 सितंबर (हि.स.)। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एनआईटी हमीरपुर में 9 से 11 अक्तूबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। एनआईटी हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय और आईआईटी मंडी के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन में देशभर के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों के करीब 50 कुलपति और निदेशक सहित शिक्षाविद, शोधार्थी और विशेषज्ञ जुटेंगे। सोमवार को धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने आयोजन की रूपरेखा साझा की।
़़़2उन्होंने बताया कि इस वर्ष शिक्षा महाकुंभ की मुख्य थीम ‘शिक्षा, प्रकृति और प्रगति’ रखी गई है। तीन दिनों के दौरान शिक्षा के बदलते स्वरूप, भविष्य की चुनौतियों, विकास और प्रकृति के बीच संतुलन तथा शिक्षा की सामाजिक भूमिका पर मंथन होगा। आयोजन में 16 बहुविषयक सत्र होंगे, जिनमें मौलिक विज्ञान, कला-संस्कृति, पारंपरिक चिकित्सा, खेल और कानून सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब 235 शोध पत्र प्राप्त हो चुके हैं। प्रो. बंसल ने बताया कि महाकुंभ के दौरान मीडिया, वैज्ञानिकों, प्रधानाचार्यों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर आठ विशेष संगोष्ठियां भी आयोजित होंगी। विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्टार्टअप विचारों को उद्योग जगत से जोड़कर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और परामर्श उपलब्ध करवाने की पहल भी की जाएगी।
नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए ‘शोधांकुर’
इस बार कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों में शोध और नवाचार की रुचि विकसित करने के लिए ‘शोधांकुर’ पहल शुरू की गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को लेखन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और चयनित लेखों को पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा। गणित, अंग्रेजी और तकनीक आधारित ‘तेजस’ ओलंपियाड भी महाकुंभ का हिस्सा रहेगा। प्रो. बंसल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी जुटाना और परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा को ज्ञान से कौशल, कौशल से नवाचार और नवाचार से समाज के विकास से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करना शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान विद्या भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन सचिव विजय नड्डा, एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. हीरालाल मुरलीधर सूर्यवंशी और मीडिया प्रभारी आरती शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

