एनएचएम अनुबंध कर्मचारियों के लिए बने स्थायी नीति, जल्द हो नियमितीकरण : राज महाजन

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धर्मशाला, 25 अगस्त (हि.स.)। राज्य स्वास्थ्य समिति (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) अनुबंध कर्मचारी संघ ने एनएचएम कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति और नियमितीकरण की मांग दोहराई है। गौर है कि यह कर्मचारी पिछले करीब 28 वर्षों से स्थायी नीति और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। वर्तमान सरकार के समक्ष भी संगठन ने लगातार यह मांग उठाई है। इसी मुद्दे को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) अनुबंध कर्मचारी संघ के प्रेस सचिव राज महाजन ने मंगलवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार बजट में एनएचएम कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतनमान की घोषणा की और इसके बाद 21 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना के अनुसार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर बेसिक पे का लाभ दिया गया है। सात वर्ष से अधिक सेवा पर प्रत्येक वर्ष तीन प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रावधान किया गया है, जबकि सात वर्ष की सेवा पूरी नहीं करने वाले कर्मचारियों को सात वर्ष पूरे होने तक पांच प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलता रहेगा। इससे करीब 833 एनएचएम कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का लाभ मिला है।

राज महाजन ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताते हुए कहा कि संशोधित वेतनमान कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब 2500 कर्मचारी 66 विभिन्न पदों पर स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। पूर्व में कोरोना महामारी से लेकर क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कर्मचारियों के बेहतर कार्य के चलते प्रदेश को कई बार राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान भी मिल चुका है।

उन्होंने कहा कि हालांकि, संघ का अगला लक्ष्य कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्थायी नीति एवं नियमितीकरण करवाना है। इस दौरान जिला कांगड़ा अध्यक्ष बख्शीश सिंह और जिला महासचिव विशाल शर्मा भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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