बरसात खत्म, खड़ा डंडा मार्ग के हालात जस के तस, रोज हो रहे हादसे
धर्मशाला, 01 अक्टूबर (हि.स.)। पर्यटन नगरी धर्मशाला को मैक्लोडगंज से जोड़ने वाला खड़ा डंडा मार्ग अब पर्यटकों के लिए हादसों का मार्ग बनता जा रहा है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण यहां लगातार वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। वीरवार को भी खड़ा डंडा मार्ग पर एक पर्यटक वाहन हादसे का शिकार हो गया। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद सड़क की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मानसून बीतने के बाद भी सड़क के जख्म क्यों नहीं भर पाए। भारी बरसात, भूस्खलन और सड़क धंसने से इस मार्ग को हुए नुकसान का हाल ही में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल ने भी जायजा लिया था। 29 सितंबर को केंद्रीय दल ने खड़ा डंडा रोड का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क और आसपास के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की जानकारी ली थी। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पर्यटकों के लिए चिंता बढ़ा रहे हैं।
धर्मशाला से मैक्लोडगंज जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क के कई हिस्सों में बरसात के बाद भी टूट-फूट और असमतल सतह बनी हुई है। ऐसे में अनजान पर्यटक वाहन चालकों के लिए मोड़ और क्षतिग्रस्त हिस्से खासा जोखिम पैदा कर रहे हैं। बारिश के दौरान जिस सड़क की हालत खराब हुई थी, वह मौसम साफ होने के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाई है। खड़ा डंडा मार्ग धर्मशाला और मैक्लोडगंज के बीच छोटा और व्यस्त रास्ता है। पर्यटन सीजन में देश-विदेश से आने वाले सैकड़ों पर्यटक इस मार्ग से आवाजाही करते हैं। सड़क की खराब हालत के साथ यातायात दबाव बढ़ने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। अगस्त में भी लगातार बारिश के बाद इस मार्ग के जोगीवाड़ा हिस्से में सड़क धंसने की समस्या सामने आई थी।
महापौर ने अधिकारियों को दिए जल्द कार्रवाई के निर्देश
नगर निगम धर्मशाला के महापौर शमशेर नेहरिया ने खड़ा डंडा मार्ग की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण करवाकर जहां तत्काल सुधार की जरूरत है, वहां काम करवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। महापौर ने कहा कि पर्यटन सीजन में इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क की खामियों को जल्द दूर करना जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।
खड़ा डंडा मार्ग की बदहाली अब स्थानीय समस्या तक सीमित नहीं रही है। मानसून से हुए नुकसान का आकलन करने पहुंची अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने भी 29 सितंबर को इस मार्ग का निरीक्षण किया था। टीम ने अधिकारियों से सड़क को हुए नुकसान, प्रभावित हिस्सों और मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्यों की जानकारी ली थी। अब सवाल यही है कि जब सड़क के नुकसान का निरीक्षण भी हो चुका है और लगातार हादसे भी हो रहे हैं, तो इसकी मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों में तेजी कब आएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

