नगर निगम धर्मशाला की पूर्व मेयर पर फिर लगे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोप, उपायुक्त के माध्यम से पीएम कार्यालय को भेजी शिकायत

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धर्मशाला, 03 जुलाई (हि.स.)। नगर निगम धर्मशाला बार्ड नम्बर 4 कश्मीर हाउस से पूर्व मेयर व वर्तमान कांग्रेस पार्षद नीनू शर्मा के खिलाफ सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण का सियासी विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। इस मुद्दे को लेकर डीसी कांगड़ा के माध्यम से शिकायत पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग तथा राजस्व विभाग को भेजी गई शिकायत में तत्काल कार्रवाई की मांग की है तथा नगर निगम से उनकी सदस्यता को रदद करने को कहा गया है। उधर भाजपा ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप सिद्ध होने पर भविष्य में उनके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने की मांग की है।

शुक्रवार को एक बार फिर से उनके द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण को लेकर भेजी गई शिकायत में चाहरु राम निवासी बड़ोल तहसील धर्मशाला ने नीनू शर्मा द्वारा पीडब्ल्यूडी रोड़ पर भवन की छत्त की चौड़ाई बढ़ाते हुए व डंगे लगवाकर 15 मरले भूमि पर अवैध रुप से कब्जा करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने मांग की है कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इतना ही नही पहले ही पूर्व कांग्रेस मेयर पर सरकारी भूमि पर बने सरकारी भवन को नगर निगम से अपने नाम करवाने का मामला चल रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले नीनू शर्मा, वार्ड नंबर-11 से अनुराग धीमान, वार्ड नंबर-14 से आनोज विष्ट और कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी सुरेश पप्पी पर सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के आरोप लगाए जा चुके हैं तथा उनके खिलाफ कड़ी काननूी कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। कांग्रेस के पार्षदों पर सरकारी भूमि पर लगे अतिक्रमण के आरोपों के बाद उथल-पुथल शुरु हो गई है। वहीं पूर्व मेयर के कार्यकाल को लेकर उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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