नशे के विरुद्ध सरकार अपना रही है जीरो टॉलरेंस की नीति : केवल सिंह पठानिया
धर्मशाला, 13 जनवरी (हि.स.)। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने नशे के कारोबार के प्रति जीरो टॉलरेंस की स्पष्ट नीति अपनाई है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर 11 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि कानून सभी के लिए समान है। चाहे कोई भी पद या हैसियत क्यों न हो, नशा तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने सूचना देने वालों के लिए इनाम योजना लागू की है। इसके तहत 2 ग्राम तक चिट्टे की सूचना पर 10 हजार रुपये, 5 ग्राम तक पर 25 हजार रुपये, 25 ग्राम तक पर 50 हजार रुपये, 1 किलो तक पर 5 लाख रुपये तथा 1 किलो से अधिक चिट्टे की सूचना देने पर 10 लाख रुपये का इनाम की घोषणा की गई है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चिट्टे और नशे से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए प्रदेश में 112 आपातकालीन नंबर शुरू किया गया है। आम नागरिक इस नंबर पर काॅल कर नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना दे सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों के कर्मी भी यदि नशे के कारोबार में संलिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कई कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। इसके साथ ही नशा तस्करों के विरुद्ध केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 60 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत 66 मामलों में जब्त की जा चुकी है। इसके साथ ही सरकारी भूमि पर कब्जा कर या चिट्टे के धंधे से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को भी चिन्हित कर जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश में वर्ष 2024 में पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट लागू किया गया। इस अधिनियम के तहत अब तक 66 मामलों में नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है।
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। उन्होंने युवाओं, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि प्रदेश को नशा मुक्त बनाया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

