केंद्रीय विवि ने शिक्षकों के लिए शुरू किया 15 दिवसीय 'रिफ्रेशर कोर्स'
धर्मशाला, 04 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के 'यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र' (एमएमटीटीसी) ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के 'कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज' के सहयोग से 15 दिवसीय ऑनलाइन 'रिफ्रेशर कोर्स' का शुभारंभ किया। 18 अगस्त तक चलने वाले इस कार्यक्रम का विषय वाणिज्य, अर्थशास्त्र, प्रबंधन और पर्यटन है। देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से 100 से अधिक शिक्षक इसमें भाग ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण पद्धतियों को बेहतर बनाना और शिक्षकों को नए दौर की उच्च शिक्षा की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के यूजीसी-(एमएमटीटीसी) निदेशक प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में विद्यार्थियों को तैयार करने और शिक्षा की बदलती जरूरतों के साथ कदम मिलाने के लिए ऐसे शिक्षक विकास कार्यक्रम बहुत जरूरी हैं।
वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार विश्वविद्यालयों को नवाचार, शोध और समाज से जुड़ाव के केंद्र के रूप में विकसित होना होगा। उन्होंने विद्यार्थी-केंद्रित पढ़ाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग, डिजिटल कौशल, उद्यमिता और बहुविषयक शिक्षा पर विशेष बल दिया।
वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के प्राचार्य प्रो. शिव कुमार सहदेव ने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के बीच आपसी सहयोग, नवाचार और बहुविषयक पढ़ाई बहुत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि यह रिफ्रेशर कोर्स कई समकालीन विषयों को कवर करता है, जैसे सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास लक्ष्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इकोनॉमी, ग्रीन इकोनॉमी और सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, डिजाइन थिंकिंग, रचनात्मकता और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और भारतीय ज्ञान प्रणाली।
इस दौरान व्याख्यान, पैनल चर्चा, केस स्टडी और संवाद सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को नया ज्ञान और पढ़ाने के आधुनिक तरीके सिखाए जाएंगे। इस दौरान देश के प्रमुख शिक्षाविद और कुलपति अपने विचार साझा करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

