सीयू में युवा प्राध्यापकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन

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सीयू में युवा प्राध्यापकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन


धर्मशाला, 12 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाज कार्य एवं अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं भारतीय ज्ञान परंपरा में युवा प्राध्यापकों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम रविवार को संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में विषय विशेषज्ञों के रूप में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के सप्त-सिंधु परिसर, देहरा के निदेशक एवं कार्यक्रम के सह-निदेशक प्रो. संजीत सिंह ठाकुर तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के रेसिलिएन्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीज़न की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. गरिमा अग्रवाल उपस्थित रहे।

प्रो. संजीत सिंह ने अपने व्याख्यान में इंडियन नॉलेज सिस्टम के एकीकरण एवं अंतः विषय मॉड्यूल विकास पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों की सहभागिता बढ़ाने, विद्यार्थियों को नवाचारी शिक्षण विधियों से जोड़ने तथा कार्यशालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से आइकेएस को प्रभावी बनाने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने मेंटरशिप कार्यक्रमों के विकास, छात्र क्लबों के गठन तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच अंतः विषय सहयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

वहीं, डॉ. गरिमा अग्रवाल ने अपने व्याख्यान में आपदा प्रबंधन एवं आपदा लचीलापन से संबंधित विषयों पर प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक संस्थानों को आपदा-प्रतिरोधी बनाने की रणनीतियों, पारंपरिक जल एवं भूमि प्रबंधन पद्धतियों की उपयोगिता तथा आइकेएस आधारित सतत परिसर योजना के माध्यम से आपदा जोखिम न्यूनीकरण की आवश्यकता को स्पष्ट किया। साथ ही, उन्होंने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में शोध एवं विकास की संभावनाओं तथा स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष बल दिया।

सत्रों के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने प्रश्न एवं विचार प्रस्तुत किए, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक किया गया। सभी सत्र ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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