स्वास्थ्य, जलशक्ति और सड़कें कांग्रेस सरकार की नाकामियों का त्रिकोण : विपिन परमार
धर्मशाला, 14 जनवरी (हि.स.)। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खोखले दावे अब परत-दर-परत उजागर हो चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, जलशक्ति विभाग में भ्रष्टाचार और अब सड़कों की दुर्दशा तीनों मोर्चों पर कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल सिद्ध हुई है। यह किसी एक विभाग की समस्या नहीं, बल्कि कांग्रेस सरकार की दिशाहीन सोच, कमजोर प्रशासनिक नियंत्रण और जनता-विरोधी नीतियों का परिणाम है।
स्वास्थ्य योजनाएं दम तोड़तीं, गरीब मरीज सबसे ज्यादा त्रस्त हैं। धर्मशाला क्षेत्रीय अस्पताल में आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं आज केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं। गंभीर बीमारियों के मरीजों को ऑपरेशन तक के लिए दवाइयां और सर्जिकल सामग्री अपनी जेब से खरीदनी पड़ रही है।
बुधवार को जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन का लगभग 40 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण दवाइयों और उपकरणों की आपूर्ति बाधित है। यह स्थिति कांग्रेस सरकार की वित्तीय बदहाली और संवेदनहीनता को उजागर करती है। जिन योजनाओं का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देना था, वही आज उनके लिए आर्थिक बोझ बन चुकी हैं।
दूसरी ओर जलशक्ति विभाग में पाइप खरीद से जुड़े मामलों ने कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। सस्ती दरों पर कच्चा माल खरीदकर महंगी दरों पर आपूर्ति की गई, निविदा शर्तों और नियमों की अनदेखी कर कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। सड़कों की बदहाली पर मंत्री का बयान कांग्रेस सरकार का खुला कबूलनामा है।
इन सबके बीच मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा दिया गया बयान कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक नाकामी को और भी उजागर करता है। मंत्री का यह कहना कि “कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारी हिमाचल के हितों और हिमाचलीयत को नहीं समझ पा रहे। दरअसल सरकार के कमजोर नियंत्रण और दिशाहीन प्रशासन का प्रमाण है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

