जीएसटी 2.0 और उद्यमिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, संवाद के लिए धर्मशाला में जुटे 46 विश्वविद्यालयों के विद्वान

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जीएसटी 2.0 और उद्यमिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, संवाद के लिए धर्मशाला में जुटे 46 विश्वविद्यालयों के विद्वान


धर्मशाला, 05 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के प्रायोजन से जीएसटी 2.0 सुधार : विकसित भारत 2047 की ओर एमएसएमई और उद्यमिता की व्यावसायिक क्षमता को उजागर करना” विषय पर शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

उन्होंने अपने संबोधन में वाणिज्य विभाग को उसके सफल तीन वर्ष पूरे करने पर बधाई दी और गर्व के साथ यह साझा किया कि विश्वविद्यालय ने आईआईआरएफ इंडिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त किया है।

संगोष्ठी का मुख्य भाषण केंद्रीय जीएसटी, जालंधर के आईआरएस कमिश्नर सी.ए. कुमार गौरव धवन द्वारा दिया गया, जिन्होंने जीएसटी 2.0 सुधारों की उत्पत्ति, उनकी महत्वता और इस बदलाव की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इस आयोजन का सफल संचालन संरक्षक प्रोफेसर (डॉ.) संजीव गुप्ता, संयोजक प्रोफेसर (डॉ.) मोहिंदर सिंह और आयोजन सचिव डॉ. गीतांजलि उपाध्याय के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के दौरान जीएसटी 2.0 सुधार: विकसित भारत का एक प्रवर्तक विषय पर आयोजित एक विशेष पैनल चर्चा में शिक्षा, कराधान और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने भविष्य के सुधारों और व्यवसायों व उद्यमिता पर उनके प्रभावों पर गहन मंथन किया।

इस संगोष्ठी ने अपनी व्यापक शैक्षणिक पहुंच का प्रदर्शन करते हुए भारत के 10 विभिन्न राज्यों के 46 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आए 200 से अधिक शिक्षकों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और छात्रों को आकर्षित किया, जिन्होंने अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर इस संवाद को समृद्ध बनाया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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