युद्ध नायक चुरू राम को अंतिम विदाई, 95 वर्ष की आयु में निधन
धर्मशाला, 30 नवंबर (हि.स.)। योल छावनी और भारतीय सेना से जुड़े पूर्व सैनिकों ने एक प्रतिष्ठित युद्ध अनुभवी (वेटरन) चुरू राम के निधन पर शोक व्यक्त किया है। 95 वर्ष की आयु में उनका निधन शनिवार को हुआ। चुरू राम ने 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध जैसे दो प्रमुख संघर्षों में देश की असाधारण बहादुरी और समर्पण के साथ सेवा की थी।
योल छावनी के एक लंबे समय से सम्मानित निवासी रहे पूर्व सैनिक चुरू राम का योगदान उनकी पीढ़ी के साहस और बलिदान का एक ज्वलंत प्रमाण है।
राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान को मान्यता देते हुए चुरू राम का अंतिम संस्कार भारतीय सेना द्वारा पूरे सैन्य सम्मान और यथोचित मान-सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और स्थानीय निवासी शामिल हुए, जिन्होंने दिवंगत नायक को अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके निधन से योल छावनी के निवासियों और सैन्य समुदाय में गहरा शोक है। चुरू राम की साहस और देशभक्ति की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

