आगामी सत्र की परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता जरूरी : डॉ राजेश शर्मा

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आगामी सत्र की परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता जरूरी : डॉ राजेश शर्मा


धर्मशाला, 13 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों का शंखनाद कर दिया है। बोर्ड परीक्षाओं से लेकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) तक, सभी कार्यप्रणालियों को अचूक और पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने शीर्ष अधिकारियों के साथ सोमवार को एक अहम बैठक की। इस उच्च स्तरीय मंथन में ‘विद्यार्थी हित सर्वोपरि’ के मूल मंत्र के साथ परीक्षा प्रबंधन में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का कड़ा संदेश दिया गया।

समयबद्धता और जवाबदेही पर विशेष फोकस

शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में बोर्ड के सचिव, अतिरिक्त सचिव और सभी उप सचिव शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. राजेश शर्मा ने शाखावार कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को उनके दायित्वों का बोध कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड की हर गतिविधि और परीक्षाओं का संचालन पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

टीईटी, डी.एल.एड. सहित सभी परीक्षाओं का फुलप्रूफ प्लान तैयार

आगामी सत्र केवल बोर्ड परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट), डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा और डी.एल.एड. की नियमित परीक्षाओं को लेकर भी बैठक में व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान परीक्षा प्रबंधन, प्रश्नपत्रों की कड़ी गोपनीयता, आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं और समय पर परिणाम घोषित करने जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों का ब्लू-प्रिंट तैयार किया गया। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा से लेकर परिणाम तक की पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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