छात्रा की मौत पर गहराया आक्रोश : धर्मशाला में दलित समाज का प्रदर्शन
धर्मशाला, 03 जनवरी (हि.स.)। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की संदिग्ध मौत के मामले ने शनिवार को उस समय उग्र रूप ले लिया जब ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा और दलित समाज के विभिन्न संगठनों ने धर्मशाला में जोरदार प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
घंटों बाधित रहा रास्ता, डीसी को नीचे बुलाने पर अड़े प्रदर्शनकारी
शनिवार सुबह से ही विभिन्न स्थानों से समुदाय के लोग धर्मशाला पहुंचने शुरू हो गए थे। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे महासभा के सदस्यों ने मांग की कि उपायुक्त कांगड़ा स्वयं कार्यालय से नीचे आकर उनका ज्ञापन स्वीकार करें। उपायुक्त के आने में देरी होने पर आक्रोशित लोगों ने डीसी ऑफिस जाने वाले मुख्य मार्ग को घंटों तक जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप रहा। काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद का दौर शुरू हुआ।
जातिवाद और मानसिक उत्पीड़न के आरोप
अंबेडकर महासभा का आरोप है कि सरकारी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान पल्लवी को न केवल मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, बल्कि उसे जातिगत भेदभाव का शिकार भी होना पड़ा। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि पल्लवी को जातिवाद और अनुचित व्यवहार के जरिए इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह गहरे डिप्रेशन (अवसाद) में चली गई। कई अस्पतालों में इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। यह महज एक सामान्य मृत्यु नहीं, बल्कि व्यवस्थागत प्रताड़ना का परिणाम है।
एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग
महासभा ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट मांग रखी है कि इस प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच के बाद दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

