धर्मशाला छात्रा मौत मामला : असिस्टेंट प्रोफेसर ने खुद को बताया बेगुनाह
धर्मशाला, 03 जनवरी (हि.स.)। धर्मशाला के बहुचर्चित कथित रैगिंग और उत्पीड़न और छात्रा की मौत के मामले में आरोपी प्रोफेसर अशोक कुमार पहली बार शनिवार को मीडिया के रूबरू हुए। शांत लहजे में अपनी बात रखते हुए प्रोफेसर ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की हैरानी है कि इस पूरे प्रकरण में उनका नाम क्यों घसीटा गया, जबकि मृतक छात्रा न तो उनकी छात्रा थी और न ही उनकी कभी उससे मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि वह खुद दो बेटियों के पिता हैं और चाहते हैं कि इस मामले में छात्रा को न्याय मिले।
प्रोफेसर अशोक कुमार ने बताया कि हालांकि उन्हें अदालत से अंतरिम जमानत मिल चुकी है, लेकिन वह जांच से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जब भी और जहां भी मुझे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, मैं हाजिर हो जाऊंगा। उन्होंने सरकार द्वारा अपने निलंबन के फैसले का भी स्वागत करते हुए कहा कि यदि उनके निलंबन से जांच निष्पक्ष और तेज होती है, तो यह एक सकारात्मक कदम है।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रोफेसर ने स्वीकार किया कि उन्हें एक बार छात्रा के पिता का फोन आया था। फोन पर पिता ने छात्रा की मानसिक स्थिति ठीक न होने की बात कही थी। प्रोफेसर के अनुसार, उन्होंने उसी वक्त सारी स्थिति स्पष्ट कर दी थी और उन्हें संबंधित क्लास टीचर से बात करने का सुझाव दिया था, जिन्होंने बाद में परिजनों को पूरी बात समझा भी दी थी।
प्रबंधन को नहीं मिली थी कोई शिकायत
रैगिंग के आरोपों पर सवाल उठाते हुए अशोक कुमार ने कहा कि कॉलेज में सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और प्रबंधन हर किसी के व्यक्तिगत संबंधों या व्यवहार पर नजर नहीं रख सकता। उन्होंने तर्क दिया कि अगर किसी भी स्तर पर रैगिंग हो रही थी, तो उसकी शिकायत कॉलेज प्रबंधन को दी जानी चाहिए थी। हमें इस बारे में कभी कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं मिली, जिसके कारण प्रबंधन इस पर कोई संज्ञान नहीं ले सका।
दोषी हूं तो सजा मिले, नहीं तो जांच जल्द पूरी हो
प्रोफेसर ने भावुक होते हुए कहा कि वह हर हाल में न्याय के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए। जांच पूरी होने दीजिए, अगर मैं दोषी पाया जाता हूं तो मुझे सजा मिले, लेकिन अगर मैं निर्दोष हूं तो इस मामले की जांच जल्द से जल्द मुकम्मल होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। फिलहाल, इस बयान के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है और सबकी नजरें अब पुलिस व विभागीय जांच कमेटी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

