धर्मशाला गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के फैसले पर भड़के छात्र-अभिभावक सड़कों पर उतरे

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धर्मशाला गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के फैसले पर भड़के छात्र-अभिभावक सड़कों पर उतरे


धर्मशाला, 27 मार्च (हि.स.)। कांगड़ा जिला मुख्यालय स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (गर्ल्स स्कूल) धर्मशाला के अस्तित्व पर आए संकट ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज करने के सरकार के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को धर्मशाला की सड़कों पर बेटियों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय व्यापार मंडल ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

शुक्रवार दोपहर बाद भारी संख्या में छात्राएं, उनके अभिभावक और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा को ज्ञापन सौंपकर स्कूल को बंद करने की अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग की। इस दौरान डीसी ऑफिस के बाहर छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की और स्कूल को यथावत बनाए रखने की गुहार लगाई।

इस विरोध प्रदर्शन में व्यापार मंडल और स्थानीय निवासियों ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। व्यापार मंडल अध्यक्ष मनु लूथरा व अनुज कश्यप ने स्पष्ट किया कि गर्ल्स स्कूल शहर की एक महत्वपूर्ण धरोहर है और इसे बॉयज स्कूल में मर्ज करना छात्राओं की शिक्षा और सुविधा के साथ खिलवाड़ है।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में स्कूल को मर्ज करने की अधिसूचना को तुरंत वापस लिए जाने, गर्ल्स स्कूल को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के तहत ही स्वतंत्र रूप से चलाके जाने, छात्राओं की सुरक्षा और शैक्षिक माहौल से कोई समझौता नही होने देने जैसी मांगें शामिल हैं।

अभिभावकों और छात्राओं का कहना है कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जल्द ही अधिसूचना रद्द नहीं की गई, तो वे स्कूल के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।

छात्राओं का तर्क है कि स्कूल बदलने से उन्हें न केवल मानसिक परेशानी होगी, बल्कि उनकी पढ़ाई पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार जनता के इस भारी विरोध के बाद क्या कदम उठाती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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