लेह-लद्धाख प्रवास के बाद मैक्लोडगंज लौटे धर्मगुरु दलाई लामा, मिनी ल्हासा में बढ़ी रौनक

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लेह-लद्धाख प्रवास के बाद मैक्लोडगंज लौटे धर्मगुरु दलाई लामा, मिनी ल्हासा में बढ़ी रौनक


धर्मशाला, 04 सितंबर (हि.स.)। तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा शुक्रवार को दिल्ली और लद्धाख प्रवास के तीन महीने बाद अपने स्थायी निवास मैक्लोडगंज लौट आए। दिल्ली में करीब एक माह के घुटने की सफल सर्जरी और इसके बाद वहां से लद्दाख में दो माह के प्रवास के बाद आज सुबह वे कांगड़ा (गग्गल) हवाई अड्डे पहुंचे।

गग्गल हवाई अड्डे से लेकर मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर तक दलाई लामा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। गगल हवाई अड्डे पर धर्मगुरु के स्वागत के लिए केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के वरिष्ठ अधिकारी, निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्य, भिक्षु और सैकड़ों स्थानीय अनुयायी उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। लोगों ने पारंपरिक 'खाता' (सफेद स्कार्फ) और अगरबत्तियों के साथ धर्मगुरु का अभिनंदन किया।

गौरतलब है कि दलाई लामा बीते 5 जून को धर्मशाला से नई दिल्ली रवाना हुए थे। 8 जून को दिल्ली में उनके बाएं घुटने की सफल घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई। सर्जरी के बाद वे 28 जून तक दिल्ली में रहे। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य लाभ लिया।

दलाईलामा ने 69 दिन तक किया लद्दाख प्रवास

स्वास्थ्य लाभ के बाद 28 जून को दलाई लामा लेह पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लद्दाख में 2 महीने 7 दिन यानी कुल 69 दिन बिताए। इस दौरान उन्होंने धार्मिक प्रवचन दिए, विशेष प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं से मुलाकात की। लद्दाख प्रवास के दौरान कुल 21,572 श्रद्धालुओं ने दलाई लामा के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। इनमें लद्दाख के स्थानीय लोगों के अलावा देश-विदेश से पहुंचे अलग-अलग आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल रहे।

दलाई लामा के स्वागत के लिए जहां बड़ी संख्या में लोग सड़क मार्ग पर मौजूद थे, वहीं धर्मशाला से मैक्लोडगंज जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाली भी सामने आई। नेशनल हाईवे-503 पर सेंट जॉन चर्च के पास सड़क काफी खराब हालत में मिली। सड़क पर गहरे गड्ढे होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई थी।

प्रशासन की सुस्ती के बाद तिब्बती लोगों ने खुद भरे सड़क के गड्ढे

सड़क की खराब हालत को देखते हुए तिब्बती समुदाय के लोग खुद सड़क पर उतर आए। लोगों ने फावड़े और तसले उठाकर गड्डों में मिट्टी और मलबा डाला और मार्ग को समतल किया, ताकि दलाई लामा के काफिले और उनके स्वागत के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी से बचाया जा सके।

दलाई लामा की वापसी के मौके पर जहां मैक्लोडगंज में आस्था और उत्साह का माहौल रहा, वहीं स्वागत मार्ग पर सड़क की बदहाली ने खासकर प्रशासन की कार्यप्रणाली भी पोल खोलकर रख दी है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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